मध्य प्रदेश पुलिस बैंड भर्ती मामला: हाईकोर्ट ने इंटरव्यू रिजल्ट पर लगाई रोक बरकरार रखी
पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने भर्ती के इंटरव्यू के परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी थी। यह रोक फिलहाल बरकरार है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

भर्ती प्रक्रिया पर हाईकोर्ट की कड़ी नजर
मध्य प्रदेश पुलिस में कॉन्स्टेबल (बैंड) के पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया को लेकर कानूनी पेच फंस गया है। इंदौर हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान शासन ने अपना पक्ष रखा, लेकिन याचिकाकर्ताओं ने सरकार के जवाब को अधूरा और त्रुटिपूर्ण बताते हुए उस पर कड़ी आपत्ति जताई है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इंटरव्यू के परिणामों को जारी करने पर लगी रोक को फिलहाल बरकरार रखा है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता निलेश सिंह के वकील गगन बजाड ने कोर्ट को बताया कि भर्ती प्रक्रिया के नियमों में विसंगतियां हैं। उन्होंने तर्क दिया कि विज्ञापन में जो शर्तें और प्रक्रियाएं निर्धारित की गई थीं, उनका पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने इस मामले में दायर अन्य संबंधित याचिकाओं को भी मुख्य प्रकरण के साथ जोड़ दिया है, जिससे अब सभी मामलों की सुनवाई एक साथ की जाएगी।
शासन के जवाब पर उठे सवाल
पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने शासन को निर्देश दिए थे कि वे भर्ती प्रक्रिया से संबंधित स्पष्ट जानकारी और अपना पक्ष कोर्ट के सामने रखें। सोमवार को शासन ने अपना जवाब दाखिल किया, लेकिन याचिकाकर्ताओं ने इसमें कई कमियां गिनाईं। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है और नियमों को दरकिनार कर अभ्यर्थियों का चयन किया गया है।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अगली सुनवाई के लिए समय निर्धारित किया है। अब अगले सप्ताह होने वाली सुनवाई में याचिकाकर्ताओं द्वारा बताई गई कमियों और शासन के जवाब पर विस्तार से बहस होगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जब तक मामले का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक इंटरव्यू के नतीजे घोषित नहीं किए जा सकेंगे।
भर्ती प्रक्रिया में विवाद की जड़
यह पूरा विवाद कॉन्स्टेबल (बैंड) भर्ती के लिए अपनाई गई चयन पद्धति को लेकर है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि विज्ञापन में जो मापदंड तय किए गए थे, चयन के दौरान उनके विपरीत कार्य किया गया। इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर पहले भी कई सवाल उठते रहे हैं, जिसके बाद अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
मामले के एक साथ जुड़ने से अब कोर्ट के सामने पूरी भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा करने का अवसर है। इससे उन सभी अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्होंने भर्ती में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। कोर्ट का अंतिम फैसला ही यह तय करेगा कि भर्ती प्रक्रिया को इसी तरह आगे बढ़ाया जाएगा या इसमें कोई बड़ा बदलाव किया जाएगा।
अगले सप्ताह होगी अंतिम सुनवाई
हाईकोर्ट ने इस मामले में अंतिम सुनवाई के लिए अगले सप्ताह की तारीख तय की है। इस दौरान शासन को याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर अपना रुख स्पष्ट करना होगा। फिलहाल, भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक ने हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदों को अधर में लटका दिया है, जिनकी नजरें अब कोर्ट के अगले आदेश पर टिकी हैं।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!