एमपी के 183 नर्सिंग कॉलेजों पर संकट: मान्यता और संबद्धता के बिना शुरू हो रही काउंसलिंग
मध्य प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट में है। MPNRC ने 2026-27 सत्र की काउंसलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया है, लेकिन 183 कॉलेजों को अब तक न मान्यता मिली है और न विश्वविद्यालयों से संबद्धता। इससे हजारों छात्र असमंजस में हैं और कई दूसरे राज्यों की ओर रुख कर रहे हैं।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief
मध्य प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। राज्य की नर्सिंग काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, लेकिन बड़ी संख्या में कॉलेजों की वैधता अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। ऐसे में हजारों छात्रों के सामने यह संकट खड़ा हो गया है कि वे आखिर किस कॉलेज में प्रवेश लें और किस पर भरोसा करें।
मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल (MPNRC) ने सत्र 2026-27 के लिए काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी कर दिया है। काउंसलिंग 14 अगस्त से शुरू होनी है, जबकि प्रदेश के 183 नर्सिंग कॉलेजों को अब तक अंतिम मान्यता नहीं मिली है। कई संस्थानों की विश्वविद्यालय संबद्धता भी लंबित बताई जा रही है।
20 हजार सीटों पर असमंजस
प्रदेश में करीब 20 हजार नर्सिंग सीटों पर प्रवेश होना है। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि मान्यता सूची सार्वजनिक न होने से यह तय करना मुश्किल हो गया है कि कौन-सा कॉलेज वैध है और कौन-सा नहीं। इससे प्रवेश प्रक्रिया पर अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
दूसरे राज्यों की ओर बढ़ रहा रुझान
प्रवेश में देरी और अस्पष्टता के कारण कई छात्र उत्तर प्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों के नर्सिंग कॉलेजों में दाखिला ले रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय पर सत्र शुरू नहीं हुआ तो डिग्री, परीक्षा और परिणाम सभी प्रभावित होंगे। इसका सीधा असर छात्रों के करियर और कॉलेजों की प्रतिष्ठा पर पड़ेगा।
तय कैलेंडर से पीछे काउंसिल
काउंसिल के शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार मई में आवेदन, जून तक निरीक्षण और जुलाई में मान्यता जारी हो जानी थी। लेकिन निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बाद भी कई कॉलेजों की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
जिम्मेदारों से स्पष्ट जवाब नहीं
जब काउंसिल के रजिस्ट्रार मुकेश सिंह से देरी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे अस्पताल में भर्ती हैं और इलाज करा रहे हैं। हालांकि छात्रों और कॉलेज प्रबंधन को अब भी यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है कि अंतिम मान्यता सूची कब जारी होगी।
छात्रों की मांग
छात्र संगठनों और अभिभावकों ने मांग की है कि काउंसलिंग शुरू होने से पहले सभी मान्यता प्राप्त और संबद्ध कॉलेजों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक की जाए, ताकि किसी भी छात्र का भविष्य जोखिम में न पड़े।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!