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मुरैना: 4 साल के बेटे के अपहरण का मास्टरमाइंड निकला पिता, 12 दिन लॉज में रहकर रची साजिश

मुरैना शहर से दो दिन पहले प्ले ग्रुप के 4 वर्षीय छात्र कार्तिकेय राजपूत के अपहरण मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में साफ हो गया है कि इस पूरी वारदात की साजिश बच्चे के पिता नीलेश (नीरज उर्फ निलेश) राजपूत ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर रची थी।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

16 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
मुरैना: 4 साल के बेटे के अपहरण का मास्टरमाइंड निकला पिता, 12 दिन लॉज में रहकर रची साजिश
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स्कूल से मासूम का अपहरण

मध्य प्रदेश के मुरैना में चार साल के मासूम कार्तिकेय राजपूत के अपहरण मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि इस पूरी वारदात के पीछे बच्चे के पिता नीलेश राजपूत का हाथ है। आरोपी ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर न केवल साजिश रची, बल्कि स्कूल से बच्चे को ले जाने की घटना को भी अंजाम दिया।

घटना 14 जुलाई की है, जब रेनबो पब्लिक स्कूल की छुट्टी के बाद एक व्यक्ति बच्चे को अपने साथ ले गया। स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां शिक्षक ने बिना किसी पहचान पत्र की जांच किए या परिजनों से पुष्टि किए मासूम को आरोपी के हवाले कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी का ड्राइवर बच्चे को कंधे पर उठाकर ले जाते हुए कैद हुआ है।

12 दिन तक लॉज में रहकर की रेकी

जांच में सामने आया है कि आरोपी पिता नीलेश मुंबई से फ्लाइट के जरिए ग्वालियर पहुंचा था। वह 28 जून से 14 जुलाई तक मुरैना के साईं पैलेस लॉज में अपने साथियों के साथ ठहरा हुआ था। इस दौरान उसने लॉज संचालक की स्कूटी का इस्तेमाल कर स्कूल के रास्तों, बच्चे के आने-जाने के समय और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से रेकी की थी।

लॉज संचालक के अनुसार, आरोपी ने खुद को सामान्य यात्री बताकर कमरा लिया था और अक्सर खाना खाने के बहाने स्कूटी लेकर बाहर निकल जाता था। वारदात वाले दिन भी उसने इसी स्कूटी का उपयोग किया। अपहरण के बाद आरोपी चंबल नदी के पास स्कूटी छोड़कर फरार हो गए और लॉज संचालक को फोन पर इसकी जानकारी दी।

पारिवारिक विवाद और पुरानी रंजिश

पीड़ित मां इशू यादव ने बताया कि नीलेश के साथ उनका वैवाहिक जीवन तनावपूर्ण रहा है। नशे की लत और मारपीट के कारण वह जनवरी 2026 में बेटे के साथ मायके लौट आई थीं। इससे पहले भी नीलेश बच्चे को मुंबई ले गया था, लेकिन वहां भी स्थिति नहीं सुधरी। स्कूल में दाखिले की जानकारी मिलते ही पिता ने बदले की भावना से यह कदम उठाया।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मां के बयानों के आधार पर नीलेश को मुख्य आरोपी बनाया है। आरोपी के मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस की टीमें राजस्थान के पाली क्षेत्र में दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया जाएगा।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की राह

घटना के बाद से ही मुरैना पुलिस ने नाकेबंदी कर दी थी, लेकिन आरोपी चंबल के रास्ते दूसरे वाहन से भागने में सफल रहे। पुलिस ने लॉज से आरोपियों का सामान और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं, जो जांच में अहम कड़ी साबित हो रहे हैं। फिलहाल, पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

इस मामले ने स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना पहचान पत्र के बच्चे को सौंपने वाली स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रशासन और पुलिस का मुख्य उद्देश्य अब मासूम कार्तिकेय की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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