ब्रेकिंग
करौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शवजोधपुर फैक्ट्री ब्लास्ट: इलाज के दौरान दूसरे फायर फाइटर ने तोड़ा दम, एक की हालत अब भी नाजुकसागर: आदतन अपराधी मुलायम यादव पर जिला प्रशासन का कड़ा एक्शन, छह महीने के लिए किया जिलाबदरलखनऊ: दुबग्गा में 10 साल की मासूम से दुष्कर्म, ममेरा भाई गिरफ्तारबीकानेर नगर निगम की लापरवाही: करोड़ों के 35 नए टिपर कबाड़ में तब्दील, फर्म की मनमानी से बढ़ा संकटपानीपत: इलाज में लापरवाही और 3 हजार के विवाद के बीच महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
करौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शवजोधपुर फैक्ट्री ब्लास्ट: इलाज के दौरान दूसरे फायर फाइटर ने तोड़ा दम, एक की हालत अब भी नाजुकसागर: आदतन अपराधी मुलायम यादव पर जिला प्रशासन का कड़ा एक्शन, छह महीने के लिए किया जिलाबदरलखनऊ: दुबग्गा में 10 साल की मासूम से दुष्कर्म, ममेरा भाई गिरफ्तारबीकानेर नगर निगम की लापरवाही: करोड़ों के 35 नए टिपर कबाड़ में तब्दील, फर्म की मनमानी से बढ़ा संकटपानीपत: इलाज में लापरवाही और 3 हजार के विवाद के बीच महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामा

मुरादाबाद: कुंदरकी उपचुनाव को लेकर सपा सांसद रुचिवीरा और भाजपा विधायक रामवीर सिंह में छिड़ी जुबानी जंग

कुंदरकी में चुनाव नहीं, वोटों की डकैती हुई थी।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

7 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
मुरादाबाद: कुंदरकी उपचुनाव को लेकर सपा सांसद रुचिवीरा और भाजपा विधायक रामवीर सिंह में छिड़ी जुबानी जंग
मूल स्रोत

कुंदरकी उपचुनाव पर तीखे आरोप-प्रत्यारोप

मुरादाबाद की समाजवादी पार्टी सांसद रुचिवीरा और कुंदरकी से भाजपा विधायक ठाकुर रामवीर सिंह के बीच राजनीतिक तनातनी चरम पर है। हाल ही में कुंदरकी उपचुनाव के नतीजों और वहां की चुनावी प्रक्रिया को लेकर रुचिवीरा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कुंदरकी में चुनाव नहीं, बल्कि वोटों की डकैती हुई थी और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया था। सांसद का कहना है कि यदि चुनाव निष्पक्ष होते, तो भाजपा विधायक को अपनी वास्तविक स्थिति का पता चल जाता।

सांसद रुचिवीरा ने आगे कहा कि कुंदरकी की तुर्क बिरादरी स्वाभिमानी है और आने वाले समय में इसका जवाब जरूर देगी। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी जिले की सभी छह सीटों पर भारी मतों से जीत दर्ज करेगी। उन्होंने भाजपा विधायक को नसीहत देते हुए कहा कि वे मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखना छोड़ दें।

भाजपा विधायक का पलटवार

रुचिवीरा के आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा विधायक ठाकुर रामवीर सिंह ने उन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सांसद पर आरोप लगाया कि वे पैसे के दम पर टिकट खरीदकर सांसद बनी हैं और उन्हें जमीनी राजनीति का कोई अनुभव नहीं है। रामवीर सिंह ने कहा कि वे पिछले 30 वर्षों से कुंदरकी की जनता के बीच संघर्ष कर रहे हैं और इसी का परिणाम है कि उन्होंने रिकॉर्ड डेढ़ लाख वोटों से जीत हासिल की है।

विधायक ने यह भी दावा किया कि रुचिवीरा को उनकी अपनी पार्टी के अन्य विधायक भी स्वीकार नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि कमाल अख्तर को छोड़कर जिले के अन्य सपा विधायक न तो उनके कार्यक्रमों में जाते हैं और न ही उन्हें आमंत्रित करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिशा समिति की बैठकों में भी सपा के अन्य विधायक उनकी अध्यक्षता में शामिल होने से परहेज करते हैं।

विवाद की पृष्ठभूमि और मुख्यमंत्री का बयान

यह विवाद तब और गहरा गया जब 29 जून को मुरादाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कुंदरकी उपचुनाव का जिक्र करते हुए कहा था कि कुंदरकी की जनता ने तुर्कों को परास्त कर यह साबित कर दिया है कि वहां अब बाबर का नहीं, बल्कि रामराज चलेगा। उन्होंने कुंदरकी के मतदाताओं को ठाकुर रामवीर को विधायक बनाने के लिए धन्यवाद भी दिया था।

मुख्यमंत्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रुचिवीरा ने कहा था कि मुख्यमंत्री तुर्कों का इतिहास नहीं जानते। उन्होंने दोहराया कि कुंदरकी में चुनाव नहीं, बल्कि लूट हुई थी। इस बयानबाजी के बाद से ही दोनों नेताओं के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कुंदरकी सीट का समीकरण भी इस विवाद का एक बड़ा कारण है, क्योंकि यह सीट तुर्क बहुल मानी जाती है और पहली बार यहां कोई गैर-मुस्लिम नेता विधायक बना है।

पार्टी के भीतर भी कलह

रुचिवीरा का विवाद केवल भाजपा के साथ ही नहीं, बल्कि उनकी अपनी पार्टी के विधायक कमाल अख्तर के साथ भी चल रहा है। सूत्रों के अनुसार, लखनऊ में अखिलेश यादव के सामने हुई एक बैठक में सांसद और विधायक के बीच तीखी बहस हुई थी। दोनों ने एक-दूसरे पर पार्टी कार्यक्रमों में न बुलाने और अनदेखी करने के आरोप लगाए थे। इस दौरान बैठक में मौजूद एक बाहरी व्यक्ति को लेकर भी काफी हंगामा हुआ था, जिसके बाद अखिलेश यादव को हस्तक्षेप करना पड़ा था।

पार्टी के भीतर चल रही इस खींचतान के बीच रुचिवीरा के भाजपा में जाने की अटकलें भी समय-समय पर सामने आती रही हैं, हालांकि उन्होंने इन दावों को खारिज किया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस कलह को शांत करने के लिए कमाल अख्तर से मुख्य सचेतक का पद भी वापस ले लिया था, लेकिन इसके बावजूद मुरादाबाद के सपा नेताओं के बीच का मतभेद कम होता नहीं दिख रहा है।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें