मुरादाबाद: बारिश के बीच भरभराकर गिरी चार मंजिला जर्जर इमारत, मलबे में तब्दील हुआ ढांचा
यूपी के मुरादाबाद में लगातार हो रही बारिश के बीच शनिवार को एक 4 मंजिला जर्जर इमारत भरभराकर ढह गई। जामा मस्जिद के पास सड़क किनारे बनी इस इमारत के गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में शनिवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते शहर के जामा मस्जिद इलाके में स्थित एक चार मंजिला जर्जर इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि इस हादसे के दौरान आसपास के लोगों ने समय रहते सतर्कता दिखाई, जिससे किसी बड़ी जनहानि की सूचना फिलहाल नहीं है।
चंद सेकंड में मलबे में बदली इमारत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत के गिरने की प्रक्रिया बेहद तेज थी। महज चार सेकंड के भीतर ही पूरी इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। इमारत के गिरते ही पूरे इलाके में धूल का गुबार छा गया, जिससे आसपास के निवासियों में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।
घटनास्थल का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें इमारत को ताश के पत्तों की तरह गिरते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि इमारत के ढहते ही आसपास का वातावरण पूरी तरह से धूल से भर गया और दृश्यता शून्य हो गई।
बिजली के पोल टूटे और निकली चिंगारियां
इमारत के गिरने से सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे भी इसकी चपेट में आ गए। खंभों के टूटने से हाईटेंशन तारों में जोरदार धमाका हुआ और चिंगारियां निकलने लगीं। इस स्थिति ने मौके पर मौजूद लोगों के बीच और अधिक दहशत पैदा कर दी। गनीमत रही कि उस समय वहां से कोई वाहन या राहगीर नहीं गुजर रहा था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
स्थानीय प्रशासन को घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। बिजली विभाग के कर्मचारियों को भी तुरंत सूचित किया गया ताकि तारों में दौड़ रहे करंट को बंद किया जा सके और किसी भी प्रकार की अनहोनी को रोका जा सके।
जर्जर इमारतों पर मंडराता खतरा
यह घटना मुरादाबाद में पुरानी और जर्जर हो चुकी इमारतों की स्थिति पर सवाल खड़े करती है। लगातार हो रही बारिश ने पुरानी संरचनाओं की नींव को कमजोर कर दिया है, जिससे ऐसी इमारतों के गिरने का खतरा और बढ़ गया है। प्रशासन ने पहले भी कई बार जर्जर भवनों को खाली करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन कई स्थानों पर अभी भी लोग जोखिम उठाकर रह रहे हैं।
फिलहाल मलबे को हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने इलाके की घेराबंदी कर दी है ताकि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश न हो सके। आसपास की अन्य इमारतों की सुरक्षा की जांच करने के लिए भी विशेषज्ञों की टीम को बुलाए जाने की संभावना है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बारिश के मौसम में जर्जर इमारतों के पास न जाएं और यदि किसी भवन में दरारें या कमजोरी दिखाई दे, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। इस घटना के बाद से पूरे शहर में पुरानी इमारतों के सर्वे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!