मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: सड़क निर्माण के लिए 4600 करोड़ का कर्ज, भूमि अधिग्रहण में आपसी सहमति को प्राथमिकता
मोहन कैबिनेट ने आज प्रदेश में शासकीय योजनाओं के लिए किए जाने वाले भूमि अधिग्रहण के मामले में चार गुना कीमत देने संबंधी प्रस्ताव में आपसी सहमति की नीति को भी शामिल कर लिया है। सरकार ने यह भी तय किया है कि प्रदेश की 22 प्रमुख सड़कों का स्वामित्व नाममात्र मूल्य पर एमपीआरडीसी को दिया जाएगा।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

सड़क बुनियादी ढांचे के लिए 4600 करोड़ का ऋण
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई हालिया कैबिनेट बैठक में प्रदेश की 12 प्रमुख सड़कों के निर्माण के लिए 4,600 करोड़ रुपये के ऋण को मंजूरी दी गई है। यह राशि नाबार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट असिस्टेंस के माध्यम से जुटाई जाएगी, जिसके लिए राज्य सरकार गारंटी प्रदान करेगी।
लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने जानकारी दी कि इन परियोजनाओं में भोपाल-विदिशा मार्ग, पूर्वी भोपाल बायपास, नीमच-मनासा-रामपुरा मार्ग और इंदौर-देपालपुर मार्ग सहित कई महत्वपूर्ण सड़कें शामिल हैं। इन मार्गों के निर्माण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
भूमि अधिग्रहण नीति में बदलाव और आपसी सहमति
कैबिनेट ने शासकीय योजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने का निर्णय लिया है। अब सरकार ने चार गुना मुआवजा देने के मौजूदा प्रावधान में 'आपसी सहमति' की नीति को भी शामिल कर लिया है। इससे परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण में लगने वाला समय कम होगा और विवादों की संभावना भी घटेगी।
इसके अतिरिक्त, राज्य की 22 प्रमुख सड़कों का स्वामित्व नाममात्र मूल्य पर मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) को हस्तांतरित किया जाएगा। इन सड़कों से प्राप्त होने वाला टोल और अन्य राजस्व निगम की आय का हिस्सा बनेगा, जिसका उपयोग ऋण के ब्याज और मूलधन के भुगतान में किया जाएगा।
सिवनी-बालाघाट मार्ग के लिए बड़ी स्वीकृति
कैबिनेट ने सिवनी-बालाघाट के बीच 91.64 किलोमीटर लंबे मार्ग को चार लेन का बनाने के लिए 3,960 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है। यह परियोजना हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत पूरी की जाएगी। इस मार्ग के निर्माण से यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा, जो वर्तमान में लंबी दूरी तय करने के कारण अधिक है।
सरकार ने साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 'राज्य कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसिडेंट रिस्पांस ऑपरेशन सेंटर' की स्थापना के लिए 80 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके साथ ही, नई दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन के उन्नयन के लिए भी 250 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है।
युवाओं के कौशल विकास और अन्य कल्याणकारी निर्णय
कैबिनेट ने नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुरूप राज्य के युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया है। सरकार ऐसे युवाओं की पहचान करेगी जो न तो शिक्षा ले रहे हैं, न ही रोजगार या कौशल प्रशिक्षण से जुड़े हैं। इन युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए एक विशेष वर्किंग ग्रुप का गठन किया जाएगा।
सामाजिक न्याय और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की 19 जन-कल्याणकारी योजनाओं के लिए 1,740 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। साथ ही, आर्थिक अपराधों के मामलों में अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है, जो 1 जुलाई 2024 से प्रभावी है। कैबिनेट ने खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है।

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मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!