मिर्जापुर: तालाब में बोरी में बंद मिले 31 पासपोर्ट, मानव तस्करी और एजेंटों की मिलीभगत की आशंका
मछुआरों के जाल में फंसी गिट्टी भरी बोरी से 31 पासपोर्ट बरामद हुए। Police investigating the matter.

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

तालाब में मिली संदिग्ध बोरी से खुला राज
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में कछवा थाना क्षेत्र के तुलापुर गांव में एक तालाब से 31 पासपोर्ट मिलने से हड़कंप मच गया है। ये पासपोर्ट एक बोरी में गिट्टी भरकर उसमें छिपाकर फेंके गए थे। सोमवार को जब स्थानीय मछुआरे तालाब में मछली पकड़ने के लिए जाल डाल रहे थे, तब यह भारी बोरी उनके जाल में फंस गई। बोरी को बाहर निकालकर खोलने पर उसमें बड़ी संख्या में पासपोर्ट देखकर ग्रामीण दंग रह गए।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। बरामद किए गए 31 पासपोर्टों में से 26 मछुआरों के पास, चार ग्राम प्रधान के पास और एक पासपोर्ट गांव के ही रामबाबू बिंद के पास मिला। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने सभी दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
एजेंटों की भूमिका पर उठ रहे गंभीर सवाल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन पासपोर्टों में से 20 मिर्जापुर, 5 वाराणसी, 4 भदोही, 1 जौनपुर और 1 प्रयागराज के नागरिकों के हैं। इनमें 29 हिंदू और 2 मुस्लिम नागरिकों के दस्तावेज शामिल हैं। गांव निवासी रामबाबू बिंद ने बताया कि उन्होंने विदेश जाने के लिए एक एजेंट को अपना पासपोर्ट दिया था, लेकिन एजेंट ने उसे वापस नहीं किया। उनका आरोप है कि एजेंट पासपोर्ट और वीजा के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूलते हैं और बाद में उन्हें बंधक बनाकर रखते हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में सक्रिय कुछ एजेंट लोगों को विदेश भेजने का झांसा देकर उनसे पासपोर्ट और पैसे ले लेते हैं। जब काम नहीं होता, तो वे पासपोर्ट वापस करने के बजाय उन्हें नष्ट करने की कोशिश करते हैं। ग्रामीणों ने कछवा क्षेत्र के कुछ व्यक्तियों पर विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करने का सीधा आरोप लगाया है, हालांकि पुलिस अभी इन दावों की पुष्टि कर रही है।
पुलिस की जांच और कानूनी कार्रवाई
कछवा थाना प्रभारी अमरजीत चौहान ने बताया कि बरामद किए गए अधिकांश पासपोर्ट एक्सपायर हो चुके हैं, लेकिन तीन पासपोर्ट अभी भी वैध हैं जिनकी अवधि इस साल के अंत तक है। पुलिस अब इन पासपोर्ट धारकों से संपर्क कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके दस्तावेज एजेंटों के पास कैसे पहुंचे और उन्हें तालाब में किसने फेंका। यह मामला मानव तस्करी या बड़े स्तर पर वीजा धोखाधड़ी से जुड़ा हो सकता है।
एसपी सिटी नितेश सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा है कि पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। बरामद पासपोर्टों के आधार पर एजेंटों की पहचान की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इन पासपोर्टों को तालाब में फेंकने के पीछे किसका हाथ है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!