मिर्जापुर: मुख्यमंत्री के दौरे पर करणी सेना उठाएगी जनहित के मुद्दे, चार टीमों का गठन
श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की जनपद स्तरीय बैठक रविवार शाम जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें निर्णय लिया गया कि 8 जुलाई को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान जनपद की विभिन्न समस्याओं से संबंधित मांग पत्र सौंपा जाएगा।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सक्रिय हुई करणी सेना
मिर्जापुर में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने आगामी 8 जुलाई को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार शाम को आयोजित एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक में संगठन ने निर्णय लिया कि मुख्यमंत्री के आगमन के अवसर पर उन्हें जनपद की प्रमुख समस्याओं से अवगत कराया जाएगा और एक मांग पत्र सौंपा जाएगा। जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर व्याप्त अव्यवस्थाओं को सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुँचाना था। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे मुख्यमंत्री के निर्धारित मार्ग पर मौजूद रहेंगे और पूरी शिष्टता के साथ अपनी मांगों का ज्ञापन उन्हें सौंपने का प्रयास करेंगे। इस कार्य को सुव्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए संगठन ने चार अलग-अलग समितियों का गठन किया है, जिन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
सड़कों की बदहाली और जलभराव पर चिंता
बैठक के दौरान मिर्जापुर की जर्जर सड़कों और जलभराव की समस्या पर विशेष चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने वाराणसी-औराई लिंक मार्ग पर नटवा पुलिस चौकी के सामने स्थित ओवरब्रिज के नीचे होने वाले जलभराव का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि मामूली बारिश में ही यह क्षेत्र तालाब में तब्दील हो जाता है, जिससे आम जनता और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। संगठन ने इसे तत्काल दुरुस्त करने की मांग की है।
इसके अलावा, शहर और ग्रामीण इलाकों में विकास कार्यों के नाम पर खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने पर भी नाराजगी जताई गई। संगठन का कहना है कि सड़कों के गड्ढों में तब्दील होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इन सड़कों की समय पर मरम्मत न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, जिसे लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग में अनियमितताओं की जांच की मांग
करणी सेना ने स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। बैठक में पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यकाल के दौरान दवाओं की खरीद, जीवन रक्षक सामग्री और नियुक्तियों में हुई धांधली का उल्लेख किया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
हाल ही में सामने आए गबन के मामलों पर संगठन ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पदाधिकारियों का मानना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में इस तरह की अनियमितताएं सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संगठन की रणनीति और जिम्मेदारियां
मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने के लिए गठित चार समितियों में प्रमुख पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। पहली समिति का नेतृत्व पूर्वांचल सचिव अभिषेक सिंह धवल करेंगे, जबकि दूसरी समिति की कमान जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार संभालेंगे। तीसरी समिति के लिए इंस्पेक्टर सिंह शिवम को जिम्मेदारी दी गई है और चौथी समिति की जिम्मेदारी नगर अध्यक्ष युवराज सिंह और नगर उपाध्यक्ष पुष्कर सिंह को सौंपी गई है।
बैठक में आयुष सिंह, विनीत सिंह, अर्पित सिंह, शिवपाल सिंह, सचिन सिंह, अमित सिंह, काजू सिंह, आदर्श सिंह और धर्मजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि वे जनहित के इन मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष मजबूती से रखेंगे ताकि मिर्जापुर की समस्याओं का स्थायी समाधान निकल सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!