मिर्जापुर: साइबर ठगी का शिकार हुए युवक को मिली बड़ी राहत, पुलिस ने वापस कराए पैसे
मिर्जापुर में आंगनबाड़ी से पैसा दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी के शिकार हुए युवक को पुलिस की साइबर सेल ने राहत दिलाई है। ठगों ने उसके बैंक खाते से 47,998 रुपए निकाल लिए थे।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

मिर्जापुर जिले में साइबर ठगी का शिकार हुए एक युवक को पुलिस की तत्परता से बड़ी राहत मिली है। ठगों ने आंगनबाड़ी के नाम पर सरकारी लाभ दिलाने का झांसा देकर युवक के बैंक खाते से हजारों रुपये उड़ा लिए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई की और ठगी गई रकम का एक हिस्सा वापस कराने में सफलता हासिल की है।
क्या था पूरा मामला
पीड़ित अखिलेश कुमार सिंह, जो जलालपुर माफी के निवासी हैं, साइबर अपराधियों के जाल में फंस गए थे। ठगों ने उन्हें आंगनबाड़ी से संबंधित कोई सरकारी पैसा दिलाने का प्रलोभन दिया। इस झांसे में आकर अखिलेश ने अपनी बैंक संबंधी जानकारी साझा कर दी, जिसके बाद उनके खाते से कुल 47,998 रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। ठगी का एहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद मिर्जापुर पुलिस की साइबर सेल सक्रिय हो गई। टीम ने तुरंत संबंधित बैंक खातों और ट्रांजैक्शन की गहन जांच शुरू की। साइबर सेल की तकनीकी टीम ने समय रहते कार्रवाई करते हुए ठगी गई रकम में से 19,994 रुपये को बैंक में होल्ड करवा दिया, ताकि अपराधी उस पैसे को निकाल न सकें।
न्यायालय के आदेश पर मिली रकम
कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए साइबर सेल ने न्यायालय से संपर्क किया। कोर्ट के आदेश मिलने के बाद, होल्ड की गई 19,994 रुपये की राशि को वापस पीड़ित अखिलेश कुमार सिंह के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। अपने खाते में पैसे वापस देखकर पीड़ित ने राहत की सांस ली और चुनार थाने पहुंचकर पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
इस पूरी कार्रवाई में चुनार के प्रभारी निरीक्षक विजय शंकर सिंह, मुख्य आरक्षी विनय यादव और आरक्षी अरमान अली की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधों में समय पर शिकायत दर्ज कराना बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे पैसे को होल्ड कराने की संभावना बढ़ जाती है।
साइबर सुरक्षा के प्रति सावधानी जरूरी
मिर्जापुर पुलिस ने एक बार फिर आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ फोन पर अपनी बैंक डिटेल्स, ओटीपी (OTP) या पिन साझा न करें। सरकारी योजनाओं के नाम पर आने वाले संदिग्ध फोन कॉल्स से सतर्क रहें और किसी भी तरह की वित्तीय जानकारी देने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें।
साइबर सेल के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होता है, तो उसे तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करना चाहिए या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, पुलिस के लिए ठगी गई रकम को वापस कराना उतना ही आसान होगा।
फिलहाल, इस मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है ताकि ठगी करने वाले गिरोह तक पहुंचा जा सके। पीड़ित ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, जिससे अन्य लोगों को भी साइबर अपराध के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा मिली है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!