मेरठ: कांवड़ यात्रा के दौरान लापता हुआ 14 वर्षीय किशोर अस्पताल में मिला, सोशल मीडिया पोस्ट से मिली मदद
कांवड़ लेकर घर से निकला 14 वर्षीय शिवभक्त पंकज संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। इसी बीच इंस्टाग्राम पर पंकज पुत्र सन्नी के लापता होने की सूचना फ्लैश हो गई।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

सोशल मीडिया की सक्रियता से मिली कामयाबी
मेरठ में कांवड़ यात्रा के दौरान लापता हुए एक 14 वर्षीय किशोर को पुलिस ने सकुशल ढूंढ निकाला है। पंकज नाम का यह किशोर कांवड़ लेकर घर से निकला था, लेकिन संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिवार के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक थी, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पोस्ट ने इस मामले में बड़ी भूमिका निभाई।
जब किशोर का कहीं पता नहीं चला, तो परिजनों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। इंस्टाग्राम पर पंकज के लापता होने की सूचना तेजी से फैल गई।
अस्पताल में भर्ती मिला किशोर
एडीजी के निर्देश के बाद मेरठ पुलिस ने कांवड़ रूट पर स्थित सभी थानों को अलर्ट कर दिया। पुलिस की टीमें लगातार किशोर की तलाश में जुटी थीं। इसी दौरान जानी पुलिस को सुभारती अस्पताल से एक महत्वपूर्ण सूचना मिली। पता चला कि वहां एक किशोर का इलाज चल रहा है, जिसे बुलंदशहर के एक कांवड़िए ने नेशनल हाईवे-58 पर बेहोशी की हालत में मिलने के बाद भर्ती कराया था।
अस्पताल में भर्ती किशोर की पहचान नहीं हो पा रही थी, क्योंकि वह बेहोश था। जानी पुलिस ने तुरंत लापता पंकज की फोटो ली और अस्पताल पहुंचकर उसका मिलान किया। किशोर की पहचान सुनिश्चित होने के बाद पुलिस ने तुरंत उसके माता-पिता, मीनाक्षी और सन्नी को इसकी सूचना दी।
परिजनों ने पुलिस का जताया आभार
अस्पताल पहुंचते ही अपने बेटे को गंभीर हालत में देखकर माता-पिता भावुक हो गए। छह दिनों से लापता बेटे के मिलने की खुशी उनके चेहरों पर साफ झलक रही थी। परिजनों ने मेरठ पुलिस की तत्परता और एडीजी द्वारा संज्ञान लिए जाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। फिलहाल पंकज का इलाज सुभारती अस्पताल में जारी है।
पुलिस अब इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि किशोर हाईवे तक कैसे पहुंचा और वह बेहोशी की हालत में वहां कैसे मिला। पुलिस का कहना है कि घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किशोर के साथ क्या हुआ था।
प्रशासन की सतर्कता और सुरक्षा
यह मामला सोशल मीडिया की सकारात्मक शक्ति और पुलिस की त्वरित कार्रवाई का एक उदाहरण है। कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर होते हैं, ऐसे में प्रशासन की सतर्कता अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। एडीजी जोन के हस्तक्षेप ने न केवल एक परिवार को उनका बेटा वापस दिलाया, बल्कि पुलिस तंत्र की सक्रियता को भी सिद्ध किया।
वर्तमान में किशोर की स्थिति पर डॉक्टरों की टीम नजर बनाए हुए है। पुलिस का कहना है कि जैसे ही पंकज की स्थिति में सुधार होगा, उससे पूछताछ कर घटनाक्रम की जानकारी ली जाएगी। फिलहाल, परिवार ने राहत की सांस ली है और पुलिस की टीम मामले के सभी बिंदुओं को जोड़ने में जुटी है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!