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मेरठ: किसान नेता ने एसएसपी और इंस्पेक्टर पर लगाया थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय के ट्रांसफर आर्डर के कुछ देर बाद ही ललिता गौतम हत्याकांड में जेल भेजे गए किसान नेता दिग्विजय भाटी के अचानक वायरल हुए एक वीडियो ने सनसनी फैला दी है। वीडियो में दिग्विजय भाटी चोटिल दिखाई दे रहे हैं।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

21 अगस्त 20262 मिनट पढ़ें
मेरठ: किसान नेता ने एसएसपी और इंस्पेक्टर पर लगाया थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप
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वायरल वीडियो ने पुलिस महकमे में मचाई खलबली

उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक किसान नेता का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर यातनाएं देने का आरोप लगाया है। भारतीय किसान यूनियन (अंबेडकर) के नेता दिग्विजय भाटी ने दावा किया है कि उन्हें एसएसपी कार्यालय और एसओजी दफ्तर में बेरहमी से पीटा गया। यह घटना तब सामने आई है जब मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय के तबादले के आदेश जारी हुए थे।

दिग्विजय भाटी का आरोप है कि 19 अगस्त को वह अपने साथी मोहित किनानगर के साथ एसएसपी से मिलने गए थे। उनका कहना है कि जैसे ही वे दफ्तर पहुंचे, एसएसपी ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन्हें कमरे में ले जाकर बुरी तरह पीटा गया। इस दौरान उनकी आंख में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा।

इंस्पेक्टर पर थर्ड डिग्री का आरोप

पीड़ित किसान नेता ने आरोप लगाया कि एसएसपी के निर्देश पर सिविल लाइन इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ ने उन्हें एसओजी कार्यालय पहुंचाया। वहां उन्हें चार से पांच पुलिसकर्मियों ने लात-घूंसों और लाठियों से पीटा। भाटी के अनुसार, उन्हें जमीन पर गिराकर जानवरों की तरह प्रताड़ित किया गया और उनके पैरों के तलवों पर डंडे बरसाए गए। उन्होंने यह भी कहा कि यातना के दौरान पानी मांगने पर उन्हें बोतल के ढक्कन से पानी दिया गया।

दिग्विजय भाटी के अनुसार, यह पूरी घटना ललिता गौतम हत्याकांड के संदर्भ में हुई थी। उनका दावा है कि वह उस आंदोलन का हिस्सा नहीं थे, फिर भी उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने निजी रंजिश के चलते उनके साथ यह बर्बर व्यवहार किया है।

सपा विधायक ने दी आंदोलन की चेतावनी

इस मामले में समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने कड़ी नाराजगी जताई है। विधायक ने बताया कि उन्होंने ही दिग्विजय भाटी और मोहित को सिविल लाइन थाने से छुड़ाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि एसएसपी ने अपने तबादले से ठीक पहले बदले की भावना से यह कार्रवाई की है। अतुल प्रधान ने इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

मेरठ में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर यह पहली बार नहीं है जब सवाल उठे हैं। इससे पहले 8 जुलाई को ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान भी एसएसपी अविनाश पांडेय पर लाठीचार्ज के आरोप लगे थे, जिसके बाद दलित संगठनों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। अब इस नए वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस की साख पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

फिलहाल, वायरल वीडियो के आधार पर मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधिकारियों की इस कथित दरिंदगी के खिलाफ उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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