मेरठ बंद: संयुक्त व्यापार संघ ने वापस लिया समर्थन, शास्त्रीनगर संघर्ष समिति की राह हुई मुश्किल
संयुक्त व्यापार संघ के अजय गुप्ता और नवीन गुप्ता गुट ने बंद से अपना समर्थन वापस ले लिया। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि प्रशासन व्यापारियों के हित में प्रयास कर रहा है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

शास्त्रीनगर सेटबैक प्रकरण: बंद को लेकर व्यापारियों में मतभेद
मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में सेटबैक के विवाद को लेकर उपजे तनाव के बीच 2 सितंबर को प्रस्तावित 'मेरठ बंद' के आह्वान पर व्यापारियों के बीच दो फाड़ की स्थिति बन गई है। इस बंद का नेतृत्व शास्त्रीनगर संघर्ष समिति कर रही है, जिसके अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर लगातार बाजारों में जाकर व्यापारियों से समर्थन मांग रहे हैं। हालांकि, इस बीच संयुक्त व्यापार संघ के अजय गुप्ता और नवीन गुप्ता गुट ने इस बंद से अपना समर्थन वापस लेने की घोषणा कर दी है।
संयुक्त व्यापार संघ के इस निर्णय को संघर्ष समिति के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अजय गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है, इसलिए फिलहाल बंद का रास्ता अपनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए बातचीत का विकल्प खुला रखना जरूरी है।
प्रशासन के साथ बातचीत और भविष्य की रणनीति
अजय गुप्ता ने अपने बयान में कहा कि आवास विकास परिषद ने कार्रवाई के संबंध में 21 सितंबर तक का समय दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब प्रशासन के स्तर पर समाधान की उम्मीद बनी हुई है, तो ऐसे में बाजार बंद करना व्यापारियों के लिए ही नुकसानदेह हो सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि भविष्य में बातचीत का रास्ता बंद होता है, तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
नवीन गुप्ता गुट के उपाध्यक्ष तरुण गुप्ता ने भी इस फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि 4 सितंबर को जन्माष्टमी का त्योहार है और 2 सितंबर को बंद रखने से आम जनता और व्यापारियों को त्योहार की तैयारियों में असुविधा हो सकती है। उन्होंने भी प्रशासन से मिल रहे आश्वासन को देखते हुए बंद से दूरी बनाने का निर्णय लिया है।
संघर्ष समिति का अभियान जारी
संयुक्त व्यापार संघ के रुख के बावजूद, शास्त्रीनगर संघर्ष समिति ने अपने तेवर नरम नहीं किए हैं। रविंद्र गुर्जर के नेतृत्व में समिति के सदस्य अभी भी विभिन्न बाजारों में जनसंपर्क कर रहे हैं और व्यापारियों से 2 सितंबर को अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील कर रहे हैं। समिति का मानना है कि जब तक ठोस परिणाम नहीं मिलते, तब तक दबाव बनाना जरूरी है।
व्यापारिक संगठनों के इस आपसी मतभेद ने मेरठ के व्यापारियों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। एक तरफ जहां संघर्ष समिति अपनी मांगों पर अड़ी है, वहीं दूसरी तरफ संयुक्त व्यापार संघ का मानना है कि प्रशासन के साथ संवाद के जरिए ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या संघर्ष समिति अन्य संगठनों को अपने साथ जोड़ पाती है या फिर 2 सितंबर को मेरठ के बाजार सामान्य रूप से खुले रहेंगे। फिलहाल, प्रशासन की ओर से दी गई 21 सितंबर तक की मोहलत को लेकर व्यापारियों के बीच चर्चाओं का दौर जारी है।

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मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!