मथुरा: राजस्थान से आ रही 1000 किलो मिलावटी पनीर की खेप पकड़ी गई, मौके पर किया गया नष्ट
मथुरा में दूषित पनीर की सप्लाई राजस्थान से की जा रही है। इस बात की जानकारी मिलते ही गुरुवार देर रात खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम राजस्थान की तरफ से आने वाले रोड पर पहुंच गई।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

राजस्थान सीमा पर खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई
मथुरा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गुरुवार देर रात विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि राजस्थान की ओर से भारी मात्रा में दूषित पनीर की खेप उत्तर प्रदेश में लाई जा रही है। इस सूचना के आधार पर टीम ने कोसी-कामां मार्ग पर जाल बिछाया और संदिग्ध वाहनों की निगरानी शुरू कर दी।
टीम ने अपनी मौजूदगी को गुप्त रखने के लिए स्थानीय पुलिस चौकी का सहारा लिया ताकि तस्करों को भनक न लगे। जैसे ही राजस्थान की ओर से एक मैक्स पिकअप गाड़ी (संख्या UP 85 ET 6299) वहां पहुंची, उसे पुलिस की मदद से रोक लिया गया। जांच के दौरान गाड़ी में भारी मात्रा में पनीर लदा हुआ पाया गया।
दस्तावेजों के अभाव में जब्त हुआ पनीर
गाड़ी चालक अमर सिंह ने पूछताछ में बताया कि यह पनीर राजस्थान के काना स्थित एक डेयरी प्लांट से लाया जा रहा है। चालक के अनुसार, गाड़ी में कुल एक हजार किलो पनीर था, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 20 हजार रुपये बताई जा रही है। जब अधिकारियों ने पनीर की खरीद और गुणवत्ता से संबंधित वैधानिक दस्तावेज मांगे, तो चालक कोई भी संतोषजनक प्रमाण पेश नहीं कर सका।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पनीर की गुणवत्ता को संदिग्ध मानते हुए मौके पर ही इसके दो नमूने लिए। इन नमूनों को आगे की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा जतिन कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
मौके पर ही नष्ट किया गया दूषित माल
पनीर को जिस तरह से असुरक्षित और अस्वच्छ परिस्थितियों में परिवहन किया जा रहा था, उसे देखते हुए विभाग ने इसे जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना। अधिकारियों ने तुरंत निर्णय लेते हुए जब्त किए गए एक हजार किलो पनीर को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बाजार में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य उत्पादों की आपूर्ति को रोकना था।
इस पूरी कार्रवाई में खाद्य सचल दल के अधिकारी जितेंद्र सिंह, मोहर सिंह कुशवाह और धर्मेंद्र सहित अन्य सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे। विभाग का कहना है कि त्योहारों और सामान्य दिनों में भी मिलावटी सामान के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे संदिग्ध खाद्य पदार्थों की खरीद से बचें और किसी भी तरह की अनियमितता दिखने पर विभाग को सूचित करें।
स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती चिंताएं
मथुरा जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर दूध और पनीर की भारी मांग रहती है, जिसका फायदा उठाकर अक्सर मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। राजस्थान से सटे इलाकों में इस तरह की तस्करी को रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने अब निगरानी बढ़ा दी है। यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि बिना जांच-परख के बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकते हैं।
फिलहाल, विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि यह पनीर किस डेयरी से आ रहा था और क्या वहां से पहले भी इस तरह की सप्लाई की गई है। रिपोर्ट आने के बाद डेयरी संचालकों और इसमें शामिल अन्य लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!