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मंदसौर पुलिस की कार्यप्रणाली पर डीआईजी सख्त: एनडीपीएस मामलों में लापरवाही बरतने वाले थानों को दी चेतावनी

मंदसौर जिले में कानून व्यवस्था और अपराधों की स्थिति की समीक्षा के लिए गुरुवार को रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल ने पुलिस कंट्रोल रूम में बैठक ली। इसमें जिले के थाना प्रभारी और राजपत्रित पुलिस अधिकारी शामिल हुए।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

20 अगस्त 2026 अपडेट 20 अगस्त 20262 मिनट पढ़ें
मंदसौर पुलिस की कार्यप्रणाली पर डीआईजी सख्त: एनडीपीएस मामलों में लापरवाही बरतने वाले थानों को दी चेतावनी
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मंदसौर जिले में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की स्थिति को लेकर रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल ने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित इस बैठक में जिले के सभी थाना प्रभारियों और राजपत्रित अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाना और लंबित पड़े पुराने मामलों का त्वरित निराकरण करना था।

एनडीपीएस मामलों में सुस्ती पर जताई नाराजगी

डीआईजी ने बैठक के दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत की जा रही कार्रवाई की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदसौर जिला मादक पदार्थों की तस्करी के लिहाज से बेहद संवेदनशील है, इसलिए यहां पुलिस की सक्रियता अनिवार्य है। समीक्षा के दौरान सुवासरा और भावगढ़ सहित कुछ ऐसे थाने सामने आए, जहां पिछले काफी समय से एनडीपीएस के तहत कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। इन थानों के प्रभारियों को डीआईजी ने कड़ी चेतावनी देते हुए भविष्य में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।

डीआईजी ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मुखबिर तंत्र को मजबूत करें ताकि तस्करी की सूचनाएं समय पर मिल सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

2015 से लंबित मामलों पर विशेष टीम का गठन

बैठक में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कुछ थानों में वर्ष 2015 से 2017 के बीच दर्ज किए गए मामले आज भी लंबित हैं। इन पुराने मामलों की पेंडेंसी देखकर डीआईजी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने निर्देश दिए कि इन पुराने मामलों के निराकरण के लिए एसडीओपी और संबंधित थाना प्रभारी की एक विशेष टीम बनाई जाए। यह टीम प्राथमिकता के आधार पर पुराने केसों की समीक्षा करेगी और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करेगी।

इसके अलावा, बैठक में चोरी, नकबजनी और लूट जैसे संपत्ति संबंधी अपराधों पर भी चर्चा हुई। डीआईजी ने वाहन चोरी की घटनाओं को रोकने और चोरी हुए वाहनों की बरामदगी के लिए प्रभावी गश्त और जांच के निर्देश दिए हैं।

सीएम हेल्पलाइन और अन्य शिकायतों का समयबद्ध समाधान

अपराधों के अलावा, सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण पर भी चर्चा की गई। डीआईजी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को लंबित न रखा जाए और तय समय सीमा के भीतर उनका संतोषजनक समाधान किया जाए। साथ ही, वारंटियों की धरपकड़, अवैध हथियारों की बरामदगी और महिला एवं बाल अपराधों के प्रति संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए गए।

बैठक के समापन पर डीआईजी ने उन थाना प्रभारियों की सराहना भी की, जिन्होंने अपने क्षेत्रों में बेहतर काम किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन प्रदर्शन के आधार पर ही किया जाएगा। मंदसौर को एनडीपीएस का हब मानते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस को अपनी कार्यशैली में और अधिक आक्रामकता और सतर्कता लाने की आवश्यकता है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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