मंडला: प्राथमिक स्कूल में बच्चों से कराई जा रही थी टॉयलेट की सफाई, चार शिक्षकों को थमाया नोटिस
मंडला जिले के मवई विकासखंड स्थित अमवार शासकीय प्राथमिक स्कूल का एक वीडियो सामने आया है। इसमें बच्चे पढ़ाई के बजाय स्कूल परिसर और शौचालयों की सफाई करते दिख रहे हैं।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

पढ़ाई की जगह सफाई का काम
मध्य प्रदेश के मंडला जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मवई विकासखंड स्थित अमवार शासकीय प्राथमिक स्कूल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मासूम बच्चे स्कूल परिसर और शौचालयों की सफाई करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है, जहां बच्चों को शिक्षा के लिए आना चाहिए था, वहां उनसे श्रम करवाया जा रहा है।
वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि स्कूल के छात्र न केवल कक्षाओं में झाड़ू लगा रहे हैं, बल्कि उन्हें टॉयलेट साफ करने के लिए भी मजबूर किया गया। यह वीडियो 27 अगस्त का बताया जा रहा है। जैसे ही यह वीडियो सार्वजनिक हुआ, स्थानीय स्तर पर आक्रोश फैल गया और शिक्षा विभाग को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा।
शिक्षा विभाग की कार्रवाई और शिक्षकों पर सवाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) अशोक शुक्ला ने तत्काल संज्ञान लिया है। विभाग ने स्कूल के चार शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। प्रशासन का कहना है कि शिक्षकों से जवाब मांगा गया है और उनके स्पष्टीकरण के आधार पर आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई तय की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमवार शासकीय प्राथमिक स्कूल में कुल सात शिक्षक पदस्थ हैं, जिनमें से तीन अतिथि शिक्षक हैं। जब वीडियो वायरल होने के बाद औचक निरीक्षण किया गया, तो विद्यालय में केवल तीन अतिथि शिक्षक ही मौजूद मिले। यह स्थिति स्कूल प्रबंधन की लापरवाही को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
शिक्षकों की अनुपस्थिति और प्रशासनिक लापरवाही
मवई के प्रभारी बीईओ लालजी उइके ने बताया कि निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की भारी कमी पाई गई। चार शिक्षकों में से एक शिक्षक बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से गायब था, जबकि दो शिक्षक अवकाश पर थे और एक अन्य शिक्षक कार्यालयीन कार्य के नाम पर बाहर था। बिना उचित व्यवस्था के शिक्षकों का अवकाश स्वीकृत करने के मामले में संकुल प्राचार्य को भी नोटिस जारी किया गया है।
शासन द्वारा स्कूलों में साफ-सफाई के लिए अलग से बजट और संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके बावजूद बच्चों से इस तरह का काम करवाना नियमों का सीधा उल्लंघन है। अभिभावकों ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई है और संबंधित शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जांच का विषय बनी व्यवस्था
फिलहाल, विभाग ने दो शिक्षकों के जवाब प्राप्त कर लिए हैं, जिन्हें वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेषित कर दिया गया है। बच्चों से सफाई कराने के इस मामले में विभागीय जांच जारी है। यह घटना न केवल स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है, बल्कि बच्चों के सुरक्षित और गरिमापूर्ण शैक्षिक वातावरण को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करती है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!