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महराजगंज की सियासत में हलचल: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के कार्यक्रम में अमरमणि समर्थकों की सक्रियता से चर्चाएं तेज

पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में सजा काट चुके हैं। उनके समर्थकों की बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष से बढ़ती नजदीकियां जिले के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर रही हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

31 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें
महराजगंज की सियासत में हलचल: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के कार्यक्रम में अमरमणि समर्थकों की सक्रियता से चर्चाएं तेज
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नौतनवा में राजनीतिक गतिविधियों ने पकड़ा जोर

उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले की नौतनवा विधानसभा सीट पर हालिया राजनीतिक घटनाक्रम ने चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के एक निजी कार्यक्रम में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के समर्थकों की उपस्थिति और उनके समर्थन में की गई नारेबाजी ने स्थानीय सियासी गलियारों में कई तरह के कयासों को जन्म दिया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

घटनाक्रम 30 जुलाई का है, जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी नौतनवा में एक निजी अस्पताल के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के समर्थक बड़ी संख्या में वहां मौजूद थे। समर्थकों ने न केवल कार्यक्रम में शिरकत की, बल्कि प्रदेश अध्यक्ष के समर्थन में नारेबाजी भी की। इस घटना के बाद से ही राजनीतिक विश्लेषक इसे भविष्य के संभावित समीकरणों के रूप में देख रहे हैं।

अमरमणि परिवार का प्रभाव और चुनावी गणित

नौतनवा विधानसभा सीट महराजगंज की सबसे संवेदनशील और चर्चित सीटों में से एक मानी जाती है। इस क्षेत्र में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी का प्रभाव दशकों से रहा है। वे विभिन्न राजनीतिक दलों के टिकट पर चुनाव लड़कर कई बार विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में जब पूरे प्रदेश में भाजपा की लहर थी, तब भी उनके पुत्र अमनमणि त्रिपाठी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया था। स्थानीय राजनीति में मणि परिवार का दबदबा हमेशा से एक बड़ा फैक्टर रहा है।

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में स्थिति बदली और भाजपा समर्थित निषाद पार्टी के प्रत्याशी ऋषि त्रिपाठी ने इस सीट पर जीत दर्ज की। जानकारों का मानना है कि इस जीत के पीछे भाजपा संगठन की मजबूत रणनीति और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का कुशल प्रबंधन था। अब फिर से अमरमणि समर्थकों का भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के प्रति झुकाव आगामी चुनावों के लिए नई चर्चाओं को हवा दे रहा है।

जातीय समीकरण और भविष्य की संभावनाएं

नौतनवा विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या लगभग 3.49 लाख है। यहां के चुनावी परिणामों में जातीय समीकरणों का बड़ा महत्व है। ब्राह्मण मतदाताओं की बहुलता वाली इस सीट पर दलित, मुस्लिम, यादव, वैश्य और क्षत्रिय मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि किसी भी राजनीतिक दल की छोटी से छोटी गतिविधि पर सभी की पैनी नजर रहती है।

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर न तो भाजपा की ओर से और न ही अमरमणि त्रिपाठी के खेमे से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में सजा काट चुके अमरमणि त्रिपाठी के समर्थकों की यह सक्रियता महज एक संयोग है या किसी बड़ी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा, यह आने वाला समय ही स्पष्ट करेगा। फिलहाल, स्थानीय स्तर पर इसे चुनाव से पहले की एक बड़ी राजनीतिक हलचल के तौर पर देखा जा रहा है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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