ब्रेकिंग
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव

मध्यप्रदेश में दवा वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव: अब निजी कंपनी संभालेगी सप्लाई चेन, 200 करोड़ का होगा खर्च

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

15 अगस्त 20262 मिनट पढ़ें
मध्यप्रदेश में दवा वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव: अब निजी कंपनी संभालेगी सप्लाई चेन, 200 करोड़ का होगा खर्च
मूल स्रोत

सरकारी अस्पतालों में दवा आपूर्ति का नया मॉडल

मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य के 18 मेडिकल कॉलेजों, 55 जिला अस्पतालों, 160 सिविल अस्पतालों और 350 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक दवाओं और चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति की जिम्मेदारी अब एक निजी कंपनी को सौंप दी गई है। अब तक यह पूरी व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी स्वयं संभालते थे, जिसमें कोई अतिरिक्त खर्च नहीं होता था। लेकिन अब सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को निजी हाथों में देने का निर्णय लिया है।

इस नई व्यवस्था के तहत सरकार निजी कंपनी पर लगभग 200 करोड़ रुपये का खर्च करेगी। सरकार का तर्क है कि इस बदलाव से दवाओं की सप्लाई चेन अधिक पारदर्शी, तेज और व्यवस्थित हो सकेगी। इस मॉडल को गुजरात की तर्ज पर लागू किया जा रहा है, जहां निजी एजेंसियां दवाओं के भंडारण और वितरण का कार्य संभालती हैं।

कंपनी की जिम्मेदारी और बफर स्टॉक की अनिवार्यता

नई व्यवस्था के अंतर्गत निजी कंपनी को कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। कंपनी को दवाओं की पैकेजिंग, स्टॉक का सटीक रिकॉर्ड रखने, सुरक्षित परिवहन और अस्पतालों तक समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने की पूरी जवाबदेही निभानी होगी। इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति में दवाओं की कमी न हो, इसके लिए कंपनी को 4 से 6 महीने का बफर स्टॉक अनिवार्य रूप से बनाए रखना होगा।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य दवाओं की बर्बादी को रोकना और वितरण में होने वाली देरी को खत्म करना है। वेयरहाउस मैनेजमेंट से लेकर अंतिम छोर तक दवा पहुंचाने तक की प्रक्रिया अब पूरी तरह से निजी एजेंसी के नियंत्रण में होगी, जिससे मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होने का दावा किया जा रहा है।

टेंडर प्रक्रिया पूरी, जल्द शुरू होगा संचालन

एमपीपीएचएससीएल के महाप्रबंधक मयंक अग्रवाल ने जानकारी दी है कि इस कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है। आगामी चार से छह महीनों के भीतर कंपनी अपने वेयरहाउस स्थापित कर काम शुरू कर देगी। इस अवधि के दौरान मौजूदा व्यवस्था से नई व्यवस्था में बदलाव की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।

हालांकि, इस निर्णय पर सवाल भी उठ रहे हैं क्योंकि अब तक स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी बिना किसी अतिरिक्त लागत के यह कार्य कर रहे थे। अब 200 करोड़ रुपये के भारी-भरकम खर्च के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या वास्तव में मरीजों को मिलने वाली दवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार आता है या नहीं।

आने वाले समय में यह व्यवस्था राज्य के स्वास्थ्य बजट और प्रशासनिक कार्यक्षमता पर कितना प्रभाव डालती है, यह स्पष्ट हो जाएगा। फिलहाल, विभाग पूरी तरह से इस नई सप्लाई चेन को सुचारू रूप से लागू करने की तैयारी में जुटा है।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें