मध्य प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ बड़ा एक्शन: तीन दिनों में 1500 से अधिक मामले दर्ज, भारी मात्रा में शराब जब्त
सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद अवैध शराब को लेकर चलाए जा रहे स्पेशल ड्राइव में तीन दिन के अंतराल में 1,554 प्रकरण दर्ज हुए हैं। इन कार्रवाई में कुल 12,107 लीटर अवैध शराब जब्त कर 974 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

सागर घटना के बाद सख्त हुआ प्रशासन
मध्य प्रदेश में हाल ही में हुई जहरीली शराब की दुखद घटनाओं के बाद राज्य सरकार और आबकारी विभाग ने अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ एक व्यापक अभियान छेड़ दिया है। आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना के सख्त निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश में तीन दिनों तक एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसका उद्देश्य राज्य में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह से अंकुश लगाना है।
इस तीन दिवसीय विशेष ड्राइव के दौरान राज्य भर में कुल 1,554 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। आबकारी विभाग की टीमों ने ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए 12,107 लीटर अवैध शराब जब्त की है। इस कार्रवाई के तहत अब तक 974 आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की गई है, जो अवैध शराब के धंधे में लिप्त पाए गए थे।
आंकड़ों में कार्रवाई का ब्यौरा
अभियान के आंकड़ों पर गौर करें तो केवल 8 सितंबर को ही प्रदेश भर में 554 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 4,282 लीटर अवैध शराब बरामद की गई और 338 लोगों को हिरासत में लिया गया। आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) के तहत सबसे अधिक कार्रवाई की गई है। इस धारा के अंतर्गत 50 लीटर से कम मात्रा में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन या बिक्री के 1,536 मामले दर्ज किए गए हैं।
सागर जिले में भी प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए 6 से 8 सितंबर के बीच 8 प्रकरण दर्ज किए हैं। इन मामलों में कुल 118 लीटर अवैध शराब जब्त की गई और 6 आरोपियों को पकड़ा गया। सागर में 7 सितंबर को 7 प्रकरणों में 101 लीटर और 8 सितंबर को एक प्रकरण में 17 लीटर शराब बरामद की गई थी।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य के सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और आबकारी अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें। किसी भी स्तर पर होने वाली गड़बड़ी को तुरंत संज्ञान में लेकर सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह अभियान केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि इसे भविष्य में भी जारी रखने की योजना है ताकि जहरीली शराब से होने वाली मौतों को रोका जा सके। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की निरंतर कार्रवाई से अवैध शराब माफियाओं के हौसले पस्त होंगे और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
आगे की रणनीति
आने वाले दिनों में भी आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें संदिग्ध ठिकानों पर नजर बनाए रखेंगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में गुप्त सूचनाओं के आधार पर छापेमारी की जाएगी। सरकार ने जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी अवैध शराब के निर्माण या बिक्री की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें।
इस विशेष ड्राइव का मुख्य उद्देश्य राज्य में शराब माफियाओं के नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करना है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध शराब के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। आने वाले समय में इस अभियान की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर इसे और अधिक कठोर बनाया जाएगा।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!