ब्रेकिंग
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव

मध्य प्रदेश में मिलावटी घी का बड़ा खेल: 8 शहरों में 25 ब्रांड के सैंपल फेल, पॉम ऑयल की मिलावट

घी के 25 ब्रॉण्ड जांच में असुरक्षित पाए गए। जिनमें पॉम आइल सहित अन्य मिलावट पाई गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

25 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
मध्य प्रदेश में मिलावटी घी का बड़ा खेल: 8 शहरों में 25 ब्रांड के सैंपल फेल, पॉम ऑयल की मिलावट
मूल स्रोत

त्योहारी सीजन से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई

मध्य प्रदेश में आगामी त्योहारों के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ दिया है। रक्षाबंधन और अन्य त्योहारों के दौरान बाजार में दूध, घी, मावा और मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर कुछ कारोबारी अमानक और मिलावटी उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं। हालिया जांच में प्रदेश के 8 प्रमुख शहरों में घी के 25 ब्रांड के सैंपल फेल पाए गए हैं, जिनमें पॉम ऑयल और अन्य हानिकारक पदार्थों की मिलावट की पुष्टि हुई है।

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा की गई इस व्यापक जांच में भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहर सबसे अधिक प्रभावित पाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अकेले भोपाल में 9 और इंदौर में 7 ब्रांड के घी के नमूने अमानक पाए गए हैं। इन नमूनों की जांच प्रयोगशाला में की गई, जिसमें गुणवत्ता मानकों के साथ गंभीर खिलवाड़ सामने आया है। विभाग ने इन सभी ब्रांडों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

दूसरे राज्यों से आने वाले उत्पादों पर भी नजर

मिलावटी उत्पादों की आपूर्ति केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी मात्रा में अमानक खाद्य सामग्री मध्य प्रदेश पहुंच रही है। हाल ही में भोपाल के नादरा बस स्टैंड से 166 किलो मिल्क केक और 150 किलो मावा जब्त किया गया था। जांच में यह मिल्क केक अमानक पाया गया, जो महाराष्ट्र के नागपुर स्थित 'मनन स्वीट्स' से मंगाया गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा नियंत्रक मनोज पुष्प ने नागपुर के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर संबंधित फर्म के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

इसी तरह, गुजरात से आने वाले घी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे हैं। खेड़ा जिले की बालाजी डेयरी प्रोडक्ट्स के घी के नमूने असुरक्षित पाए गए हैं। इस मामले में मध्य प्रदेश के खाद्य सुरक्षा विभाग ने गुजरात के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को पत्र लिखकर निर्माता के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। अंतर-राज्यीय स्तर पर हो रही इस मिलावट को रोकने के लिए विभाग अब पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है।

एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध और सख्त निगरानी

मिलावट के खिलाफ चल रहे इस अभियान के बीच राज्य सरकार ने एक और बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में प्रदेश में 'एनालॉग पनीर' (वनस्पति से बना पनीर) के उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए हैं। महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ के बाद मध्य प्रदेश ऐसा करने वाला देश का चौथा राज्य बन गया है। यह कदम आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। बाजार में बिकने वाले उत्पादों की रैंडम सैंपलिंग की जा रही है ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री मिल सके।

जांच में फेल हुए ब्रांडों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए जा रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिलावट करने वाले किसी भी बड़े या छोटे कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में मिठाई की दुकानों और डेयरी फार्मों पर औचक निरीक्षण की संख्या और बढ़ाई जाएगी।

राज्य सरकार की इस सख्ती से मिलावटखोरों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहारों के दौरान बाजार में बिकने वाली मिठाइयां और दूध उत्पाद पूरी तरह से सुरक्षित हों। स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि मिलावटी घी और मावा का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकता है, जिससे पेट संबंधी बीमारियां और अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें