माधव टाइगर रिजर्व में बढ़ी बाघों की संख्या, मादा बाघिन MT-4 के साथ दिखा नन्हा शावक
रिजर्व में मादा बाघिन MT-4 अपने करीब तीन माह के शावक के साथ नजर आई है। इसके साथ ही रिजर्व में अब तक तीन शावकों के जन्म की पुष्टि हो चुकी है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व में वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशखबरी
मध्य प्रदेश के शिवपुरी स्थित माधव टाइगर रिजर्व से एक उत्साहजनक खबर सामने आई है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रिजर्व में मादा बाघिन MT-4 को अपने तीन माह के शावक के साथ देखा गया है। इस नई उपलब्धि ने रिजर्व के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को एक नई पहचान दी है और बाघों के कुनबे में वृद्धि की पुष्टि की है।
वन विभाग के अधिकारियों ने इस दृश्य की पुष्टि करते हुए बताया कि बाघिन और उसके शावक की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। शावक की एक धुंधली तस्वीर भी सामने आई है, जिससे रिजर्व प्रबंधन में खुशी का माहौल है। डीएफओ हरिओम के अनुसार, शावक की उम्र लगभग तीन महीने आंकी गई है और उसकी सुरक्षा के लिए वन अमला पूरी तरह सतर्क है।
बाघों की संख्या में लगातार हो रही है वृद्धि
माधव टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में यह बढ़ोतरी एक सकारात्मक संकेत है। इससे पहले, सितंबर माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बाघिन MT-3 द्वारा दो शावकों को जन्म देने की जानकारी दी थी। उस समय रिजर्व में बाघों की कुल संख्या आठ तक पहुंच गई थी। अब MT-4 के साथ शावक के दिखने के बाद यह संख्या बढ़कर नौ हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि MT-4 के साथ अन्य शावकों के होने की पुष्टि होती है, तो यह आंकड़ा और भी अधिक हो सकता है। फिलहाल, वन विभाग कैमरा ट्रैप और फील्ड स्टाफ के जरिए लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि शावक की सेहत और उसकी गतिविधियों की सटीक जानकारी जुटाई जा सके।
संरक्षण प्रयासों की सफलता और भविष्य की राह
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस घटना पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे मध्य प्रदेश की समृद्ध वन्यजीव विरासत की जीत बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि 10 मार्च 2025 को माधव टाइगर रिजर्व में लाई गई बाघिन MT-4 का अपने शावक के साथ नजर आना, यहां के अनुकूल वातावरण और संरक्षण प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।
उल्लेखनीय है कि मार्च 2025 में ही केंद्र सरकार ने माधव राष्ट्रीय उद्यान को देश का 58वां और मध्य प्रदेश का 9वां टाइगर रिजर्व घोषित किया था। इस दर्जे के मिलने के बाद से ही यहां बाघों के संरक्षण, उनके आवास के विकास और सुरक्षा मानकों को और अधिक मजबूत किया गया है, जिसके परिणाम अब धरातल पर दिखाई दे रहे हैं।
आने वाले दिनों में वन विभाग की टीम कैमरा ट्रैप के डेटा का विश्लेषण करेगी, जिससे रिजर्व में बाघों की वास्तविक संख्या और उनकी गतिविधियों का स्पष्ट खाका तैयार हो सकेगा। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग इस उपलब्धि को लेकर काफी उत्साहित हैं और इसे क्षेत्र में पर्यटन व पारिस्थितिकी संतुलन के लिए एक बड़ा कदम मान रहे हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!