मुरादाबाद में तेंदुओं का खौफ: 15 दिनों में 8वां तेंदुआ पिंजरे में कैद, ग्रामीणों में दहशत
मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा रेंज के अन्तर्गत गांव कोठा महमूद में एक तेंदुआ ट्रैप केज में पकड़ा गया है। जिले में पिछले 15 दिन में अब तक कुल 08 तेंदुओं का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया जा चुका है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

ठाकुरद्वारा क्षेत्र में फिर सक्रिय हुआ तेंदुआ
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में पिछले कुछ समय से तेंदुओं की बढ़ती सक्रियता ने स्थानीय निवासियों की नींद उड़ा दी है। ठाकुरद्वारा रेंज के अंतर्गत आने वाले कोठा महमूद गांव में वन विभाग की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां एक तेंदुए को पिंजरे में सफलतापूर्वक कैद कर लिया गया है। यह इस क्षेत्र में पिछले 15 दिनों के भीतर पकड़ा गया आठवां तेंदुआ है, जो इलाके में इन जंगली जानवरों की भारी मौजूदगी को दर्शाता है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कोठा महमूद गांव में आज यह दूसरा ट्रैप था, जिसमें तेंदुआ फंस गया। लगातार हो रही इन घटनाओं ने आसपास के गांवों में रहने वाले करीब एक लाख लोगों को भय के साये में जीने को मजबूर कर दिया है। लोग अब अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं, विशेषकर शाम ढलने के बाद स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
दो मौतों के बाद बढ़ा प्रशासन का दबाव
जिले में तेंदुओं के हमलों के कारण अब तक दो लोगों की जान जा चुकी है। इन दुखद घटनाओं के बाद से ही पूरे क्षेत्र में वन विभाग ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और रिहायशी इलाकों के करीब तेंदुओं की आवाजाही से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और लगातार वन विभाग से प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
वन विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और संवेदनशील इलाकों में पिंजरे लगाए गए हैं। पिछले 15 दिनों में आठ तेंदुओं का पकड़ा जाना इस बात का संकेत है कि जंगल से सटे इलाकों में इनका कुनबा काफी बढ़ गया है। विभाग के अधिकारी अब इन पकड़े गए तेंदुओं को सुरक्षित स्थानों पर छोड़ने की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
ग्रामीणों के लिए जारी की गई एडवाइजरी
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अकेले खेतों की ओर न जाएं और रात के समय बाहर निकलने से बचें। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को देने को कहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब तक सभी तेंदुओं को पकड़ नहीं लिया जाता, तब तक उनका डर कम होना मुश्किल है।
फिलहाल, वन विभाग की टीम कोठा महमूद और आसपास के गांवों में अपनी निगरानी बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में और भी पिंजरे लगाए जाने की संभावना है ताकि क्षेत्र को पूरी तरह से सुरक्षित किया जा सके। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग मिलकर इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए रणनीति बना रहे हैं।
आगे की कार्रवाई और चुनौतियां
तेंदुओं की बढ़ती संख्या और उनके रिहायशी इलाकों में आने के कारणों का पता लगाने के लिए वन विभाग के विशेषज्ञ भी जांच कर रहे हैं। क्या ये तेंदुए भोजन की तलाश में आबादी की ओर आ रहे हैं या फिर उनके प्राकृतिक आवास में कोई कमी आई है, इन पहलुओं पर भी गौर किया जा रहा है। फिलहाल, प्राथमिकता उन सभी तेंदुओं को पकड़ने की है जो अभी भी खुले में घूम रहे हैं और लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं।
मुरादाबाद का यह इलाका अब वन विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। आठ तेंदुओं के पकड़े जाने के बाद भी ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। प्रशासन का कहना है कि जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक वन विभाग की टीमें तैनात रहेंगी और सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!