बिजनौर में गुलदार का खौफ: खेत से लौट रहे परिवार के सामने से 10 साल के बच्चे को उठा ले गया आदमखोर
बिजनौर के नगीना देहात क्षेत्र के गांव सीखनीवाला में सोमवार रात गुलदार के हमले में 10 वर्षीय बालक की दर्दनाक मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब गांव निवासी नरसिंह अपने परिवार के साथ खेत से घर लौट रहे थे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में गुलदार (तेंदुए) का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। नगीना देहात थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सीखनीवाला गांव में सोमवार की रात एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां एक 10 वर्षीय बालक को आदमखोर गुलदार ने अपना शिकार बना लिया। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
परिवार के सामने से उठा ले गया गुलदार
मिली जानकारी के अनुसार, गांव निवासी नरसिंह सोमवार देर रात अपने परिवार के साथ खेतों से काम निपटाकर घर लौट रहे थे। परिवार के सदस्य एक साथ चल रहे थे, तभी झाड़ियों में घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक उन पर हमला कर दिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, गुलदार ने 10 वर्षीय बच्चे को दबोच लिया और उसे खींचते हुए घने जंगल की ओर ले गया।
अचानक हुए इस हमले से परिवार में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने शोर मचाया और गुलदार का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन तब तक वह बच्चे को लेकर अंधेरे में ओझल हो चुका था। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर जंगल की ओर दौड़े और बच्चे की तलाश शुरू की।
जंगल में मिला क्षत-विक्षत शव
काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को जंगल के भीतर बच्चे का शव बरामद हुआ। गुलदार ने बच्चे के शरीर पर कई गहरे घाव किए थे, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। बच्चे का शव देख परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस घटना ने गांव के लोगों के मन में गहरा डर बैठा दिया है, क्योंकि अब खेतों में काम करने जाना भी असुरक्षित महसूस हो रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही नगीना देहात थाना पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। वन विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया है और गुलदार के मूवमेंट की जांच शुरू कर दी है।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश और सुरक्षा की मांग
सीखनीवाला और आसपास के गांवों के निवासियों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता काफी समय से है, लेकिन विभाग ने इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। लोगों ने मांग की है कि आदमखोर गुलदार को पकड़ने के लिए तत्काल पिंजरे लगाए जाएं और वन विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाई जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आदमखोर जानवर को नहीं पकड़ा गया, तो भविष्य में और भी बड़ी अनहोनी हो सकती है। फिलहाल, वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और रात के समय अकेले बाहर न निकलने की सलाह दी है। इलाके में वन विभाग की टीम की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!