ललितपुर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी: दो महीने पुरानी चोरी का आरोपी गिरफ्तार, नकदी और हथियार बरामद
ललितपुर जिले की महरौनी कोतवाली पुलिस ने दो महीने पहले हुई 7 लाख रुपये की चोरी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 2 लाख 23 हजार रुपये नकद, एक अवैध तमंचा और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद हुई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

ललितपुर जिले की महरौनी कोतवाली पुलिस ने दो महीने पहले हुई एक बड़ी चोरी की घटना का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में नकदी और अवैध हथियार बरामद किए हैं। हालांकि, इस वारदात में शामिल दो अन्य साथी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं, जिनकी तलाश में टीमें जुटी हुई हैं।
पुलिस की घेराबंदी और मुठभेड़
अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि चोरी की वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी ग्राम चढ़रऊ के आसपास देखा गया है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए महरौनी थाना पुलिस की एक संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार, इस दौरान आरोपी और पुलिस के बीच मुठभेड़ भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने सोनू धापनी नामक व्यक्ति को दबोच लिया। आरोपी मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के बोड़ा थाना क्षेत्र के कड़िया सांसी गांव का निवासी बताया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी के दो साथी अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस अब उन फरार आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए सघन तलाशी अभियान चला रही है।
बैंक से निकलते ही बनाया था निशाना
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह अपने गिरोह के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से लोगों की रेकी करता था। 29 मई को उन्होंने सेंट्रल बैंक, महरौनी से नकदी निकालकर जा रहे एक व्यक्ति को अपना निशाना बनाया था। आरोपी ने बताया कि उन्होंने तहसील महरौनी के पास पीड़ित की मोटरसाइकिल में रखा बैग पार कर दिया था, जिसमें 7 लाख रुपये की बड़ी रकम थी।
पुलिस ने आरोपी के पास से 2,23,560 रुपये नकद बरामद किए हैं, जो उसके हिस्से में आए थे। इसके साथ ही पुलिस ने उसके पास से एक.315 बोर का अवैध देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और घटना में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की होंडा शाइन मोटरसाइकिल भी जब्त की है।
तकनीकी साक्ष्यों से खुला मामला
इस चोरी की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने चार अलग-अलग टीमों का गठन किया था। इन टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया, जिसके बाद वे आरोपी तक पहुंचने में कामयाब रहे। इस ऑपरेशन में उपनिरीक्षक महेशचंद्र, गुलाम फरीद, अनीत कुमार और हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र पांडेय व राघवेंद्र राजावत की मुख्य भूमिका रही।
फिलहाल, पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और फरार साथियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!