ललितपुर: अटल आवासीय विद्यालय में फूड पॉइजनिंग से 49 छात्र बीमार, तीन लोगों पर केस दर्ज
ललितपुर जिले के ग्राम धौर्रा स्थित अटल आवासीय विद्यालय में कढ़ी चावल खाने के बाद 49 छात्र-छात्राएं बीमार पड़ गए। इस मामले में विद्यालय के प्रधानाचार्य की शिकायत पर सुपरवाइजर सहित तीन लोगों के खिलाफ जाखलौन थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

भोजन के बाद बिगड़ी 49 छात्रों की तबीयत
ललितपुर जिले के ग्राम धौर्रा स्थित अटल आवासीय विद्यालय में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां दोपहर का भोजन करने के बाद 49 छात्र-छात्राएं अचानक बीमार पड़ गए। घटना 16 जुलाई की है, जब दोपहर करीब 1:40 बजे बच्चों को कढ़ी-चावल परोसा गया था। भोजन के कुछ देर बाद ही विद्यार्थियों ने पेट दर्द और उल्टियों की शिकायत शुरू कर दी, जिससे विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया।
बच्चों की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से बच्चों की जान बचाई जा सकी, लेकिन इस घटना ने विद्यालय में भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
लापरवाही का आरोप और एफआईआर
विद्यालय के प्रधानाचार्य जियालाल ने इस मामले में जाखलौन थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। नामजद आरोपियों में निर्मल फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक प्रवीण टंडन, मेसर्स शालू एसोसिएट के प्रबंधक ब्रजकिशोर और सुपरवाइजर जयसिंह कुशवाहा शामिल हैं।
प्रधानाचार्य का आरोप है कि भोजन व्यवस्था के लिए मेसर्स शालू एसोसिएट को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन सुपरवाइजर जयसिंह कुशवाहा ने खाद्य सामग्री के रखरखाव और निर्माण में घोर लापरवाही बरती। इसके अलावा, मेस में साफ-सफाई का अभाव भी संक्रमण फैलने का एक मुख्य कारण माना जा रहा है।
जांच में सामने आई गंभीर खामियां
प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि बच्चों के बीमार होने के पीछे खराब खाद्य पदार्थों का उपयोग और उनके रखरखाव में बरती गई उदासीनता मुख्य कारण है। मेस में स्वच्छता के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका जताई गई है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या भोजन सामग्री की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच की गई थी या नहीं।
एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि मेसर्स शालू एसोसिएट के प्रबंधक ब्रजकिशोर के साथ-साथ मेसर्स जय अम्बे फूड्स प्रोडक्ट्स झांसी के प्रबंधक सुभाष गुप्ता की भूमिका भी संदिग्ध है। इन सभी पर बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने और सरकारी नियमों की अनदेखी करने का आरोप है।
प्रशासनिक कार्रवाई और आगे की स्थिति
घटना के बाद से ही स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी मामले की निगरानी कर रहे हैं। विद्यालय में भोजन आपूर्ति करने वाली फर्मों के अनुबंधों की भी समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल, बीमार छात्रों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति में सुधार बताया जा रहा है। जाखलौन पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है और जल्द ही संबंधित फर्मों के प्रतिनिधियों से पूछताछ की जाएगी। इस घटना ने आवासीय विद्यालयों में बच्चों के भोजन और स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रबंधन पर एक बार फिर से गंभीर बहस छेड़ दी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!