कुरुक्षेत्र हत्याकांड: आरोपी पत्नी की मानसिक जांच के लिए 6 डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड गठित
कुरुक्षेत्र में पति राजेश की हत्या के बाद उसके शरीर से आंतें, किडनी और लीवर का हिस्सा निकालने की आरोपी विमला की अब 6 डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड जांच करेगा। विमला की शारीरिक हालत के साथ उसकी मानसिक स्थिति की भी जांच की जाएगी।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

कुरुक्षेत्र में पति की नृशंस हत्या की आरोपी विमला की मानसिक स्थिति की होगी जांच
कुरुक्षेत्र में अपने पति राजेश की हत्या करने और उसके शव के साथ बर्बरता करने वाली आरोपी पत्नी विमला की अब गहन चिकित्सा जांच की जाएगी। इस मामले में अस्पताल प्रशासन ने छह डॉक्टरों का एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित किया है। यह बोर्ड न केवल विमला की शारीरिक चोटों का इलाज करेगा, बल्कि उसकी मानसिक स्थिति का भी बारीकी से आकलन करेगा।
मेडिकल बोर्ड में फिजिशियन, सर्जन, आरएमओ, दो हड्डी रोग विशेषज्ञ और एक मनोचिकित्सक (साइकेट्रिस्ट) को शामिल किया गया है। बोर्ड के सभी सदस्यों ने अपनी-अपनी विशेषज्ञता के आधार पर विमला के इलाज की दिशा तय कर दी है। मनोचिकित्सक ने विशेष रूप से सलाह दी है कि आरोपी को ऐसी निगरानी में रखा जाए जहां मनोरोग विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित हो, क्योंकि उसके व्यवहार में हिंसक बदलाव की आशंका बनी हुई है।
रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट, रिकवरी में लगेंगे कई महीने
घटना के बाद छत से कूदने के कारण विमला की रीढ़ की हड्डी के तीन मनके टूट गए हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन उपाध्याय ने बताया कि फिलहाल उसकी स्थिति ऑपरेशन के अनुकूल नहीं है। डॉक्टरों का मानना है कि उसे पूरी तरह ठीक होने में तीन से छह महीने का लंबा समय लग सकता है। इसके अलावा, ऑपरेशन के बाद देखभाल के लिए किसी परिजन की अनुपस्थिति के कारण भी डॉक्टर फिलहाल कोई बड़ा जोखिम लेने से बच रहे हैं।
विमला को इलाज के लिए 27 अगस्त को चंडीगढ़ के पीजीआई रेफर किया गया था, लेकिन उसने वहां उपचार कराने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उसे वापस कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, उसके व्यवहार में आक्रामकता देखी जा रही है, जो जांच प्रक्रिया के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
क्या है पूरा मामला और बर्बरता की हदें
यह खौफनाक घटना 21 अगस्त की है, जब विमला ने अपने पति राजेश की हत्या कर दी थी। हत्या के बाद उसने शव के साथ जो किया, उसने पूरे इलाके को दहला दिया। आरोपी ने तीन अलग-अलग चाकुओं का इस्तेमाल कर राजेश के शरीर को सीने से लेकर प्राइवेट पार्ट तक काट दिया था। पुलिस को मौके से एक प्लास्टिक की बोरी मिली थी, जिसमें राजेश की आंतें, किडनी और लीवर के हिस्से भरे हुए थे।
पुलिस अब मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। यह रिपोर्ट न केवल विमला के इलाज के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि कानूनी कार्रवाई में भी अहम साक्ष्य साबित होगी। मनोचिकित्सक की राय यह तय करने में मदद करेगी कि घटना के समय आरोपी की मानसिक स्थिति क्या थी और क्या वह अपने कृत्यों के प्रति पूरी तरह सचेत थी।
फिलहाल, अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच विमला का इलाज चल रहा है। फिजिशियन ने उसके पेट के अल्ट्रासाउंड के निर्देश दिए हैं ताकि आंतरिक चोटों का सही आकलन किया जा सके। मेडिकल बोर्ड की निरंतर निगरानी और रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस पूछताछ की दिशा तय की जाएगी।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!