कोटा में जन्माष्टमी की धूम: 21 फीट ऊंची मटकी फोड़ने के लिए उमड़ा युवाओं का सैलाब
कोटा में कृष्ण जन्मोत्व पर देर रात मंदिरों में अलग-अलग झांकियां सजाई गई। बच्चे राधा-कृष्ण के रूप में नजर आए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

कोटा में भक्ति और उत्साह का संगम
राजस्थान के कोटा शहर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। देर रात तक मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा। शहर के विभिन्न हिस्सों में सजी भव्य झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनमें बाल गोपाल की लीलाओं को जीवंत रूप में दर्शाया गया। इस दौरान नन्हे-मुन्ने बच्चे राधा-कृष्ण की वेशभूषा में सजे हुए दिखाई दिए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में मंदिरों में लड्डू गोपाल को झूला झुलाने की परंपरा का निर्वहन किया गया। रात के ठीक 12 बजते ही मंदिरों में शंखनाद और जयकारों के साथ भगवान का जन्मोत्सव मनाया गया। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में मंदिरों में पहुंचकर दर्शन किए और ठाकुरजी को झूला झुलाकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
मटकी फोड़ प्रतियोगिता में दिखा युवाओं का जोश
बोरखेड़ा के देवली अरब रोड पर श्री कृष्ण नवयुवक मंडल द्वारा आयोजित मटकी फोड़ प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। इस प्रतियोगिता में 21 फीट की ऊंचाई पर मटकी बांधी गई थी, जिसे फोड़ने के लिए युवाओं की कई टोलियों ने जोर-आजमाइश की। मटकी तक पहुंचने के लिए युवाओं ने मानव पिरामिड बनाया, जिसे देखकर वहां मौजूद हजारों दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया।
कई बार पिरामिड डगमगाने और गिरने के बावजूद युवाओं का हौसला कम नहीं हुआ। अंततः सफल होने वाली टीम को 11 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। यह रोमांचक मुकाबला रात करीब 12:30 बजे तक जारी रहा, जिसमें स्थानीय युवाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी सुनिश्चित की।
शहर के प्रमुख मंदिरों में विशेष आयोजन
जवाहर नगर स्थित राधा-कृष्ण मंदिर और मथुराजी मंदिर में भी जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में देर रात तक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। डीसीएम फैक्ट्री परिसर में भी भव्य झांकियों का प्रदर्शन किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। इन झांकियों के माध्यम से भगवान कृष्ण के जीवन के विभिन्न पड़ावों को खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया।
शहर के गीता भवन मंदिर, जो करीब 60 साल पुराना है, में पिछले 45 वर्षों से अनवरत झांकियां सजाई जा रही हैं। यहां की परंपरा और भव्यता को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। जन्माष्टमी के अगले दिन भी मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है, जहां भक्त ठाकुरजी के दर्शन और पूजन के लिए कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं।
धार्मिक आयोजनों का दौर जारी
इस्कॉन मंदिर सहित शहर के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। स्कूलों में भी बच्चों ने राधा-कृष्ण के रूप में नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उत्सव का आनंद लिया। जन्माष्टमी के बाद भी मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी है, जिससे पूरे शहर में उत्सव का माहौल बना हुआ है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!