ब्रेकिंग
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव

किरेन रिजिजू का बड़ा आरोप: जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन को आम आदमी पार्टी ने किया हाईजैक

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार, 18 अगस्त को CJP संस्थापक अभिजीत दिपके पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिपके आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता हैं, जो जंतर-मंतर पर युवाओं के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों में खुद को छात्र नेता बताने की कोशिश कर रहे हैं।

मोहम्मद नवेद

मोहम्मद नवेद

एडिटर

18 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
किरेन रिजिजू का बड़ा आरोप: जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन को आम आदमी पार्टी ने किया हाईजैक
मूल स्रोत

छात्रों के प्रदर्शन पर सियासी घमासान

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलनों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मंगलवार को एक साक्षात्कार के दौरान दावा किया कि कुछ राजनीतिक दल छात्रों के कंधों पर बंदूक रखकर अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। रिजिजू ने विशेष रूप से सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर निशाना साधते हुए उन्हें आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता बताया।

रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार छात्रों की वास्तविक चिंताओं और उनकी मांगों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि छात्रों के पास अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है और सरकार उनसे सीधे संवाद के लिए तैयार है। हालांकि, मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जब राजनीतिक दल छात्रों की आड़ में अपने एजेंडे को आगे बढ़ाते हैं, तो यह स्थिति आंदोलन की मूल भावना को नुकसान पहुंचाती है।

अभिजीत दिपके की भूमिका पर सवाल

केंद्रीय मंत्री ने अभिजीत दिपके की पृष्ठभूमि पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो व्यक्ति आम आदमी पार्टी से जुड़ा रहा हो, वह खुद को छात्र नेता के रूप में कैसे पेश कर सकता है। रिजिजू के अनुसार, दिपके का अतीत में आम आदमी पार्टी के साथ सक्रिय जुड़ाव रहा है, जो उनके हालिया प्रदर्शनों के पीछे की मंशा पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस आंदोलन को हाईजैक करने का प्रयास किया है।

अभिजीत दिपके के पुराने सोशल मीडिया पोस्ट भी इस विवाद का केंद्र बने हुए हैं। वर्ष 2021 से 2024 के बीच किए गए उनके कई पोस्ट में आम आदमी पार्टी के प्रति समर्थन स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जिससे यह अटकलें और तेज हो गई हैं कि क्या ये प्रदर्शन पूरी तरह से छात्रों द्वारा संचालित हैं या इसके पीछे कोई राजनीतिक दल सक्रिय है।

युवाओं और सरकार के बीच संवाद की आवश्यकता

Gen Z यानी नई पीढ़ी के साथ भारतीय जनता पार्टी के जुड़ाव को लेकर पूछे गए एक सवाल पर रिजिजू ने कहा कि युवाओं और सरकार के बीच कोई दूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि एशियाई समाज में पारिवारिक मूल्यों और बड़ों के प्रति सम्मान की परंपरा रही है। उन्होंने जोर दिया कि युवाओं को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए, लेकिन उन्हें गुमराह करने वाली ताकतों से भी सावधान रहना होगा।

मंत्री ने आगे कहा कि सरकार युवाओं के साथ लगातार बातचीत करने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि अगर कोई बाहरी तत्व छात्रों को उकसाने का काम करेगा, तो संवाद की प्रक्रिया में समय जरूर लगेगा। रिजिजू ने विश्वास जताया कि सही दिशा में निरंतर बातचीत से सभी गलतफहमियां दूर की जा सकती हैं और छात्रों की जायज मांगों पर विचार किया जा सकता है।

दबाव समूह के रूप में सीजेपी की भूमिका

विवादों के बीच सीजेपी ने स्पष्ट किया है कि वह कोई राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि एक दबाव समूह के तौर पर कार्य कर रहा है। संगठन का मुख्य ध्यान वर्तमान में सरकारी स्कूलों की बदहाली को उजागर करने और 'स्कूल ठीक करो' अभियान को आगे बढ़ाने पर है। इससे पहले, जून और जुलाई के महीनों में सीजेपी के नेतृत्व में हुए बड़े प्रदर्शनों को विभिन्न विपक्षी दलों का समर्थन मिला था, जिसमें आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी भी शामिल थीं।

यह पूरा घटनाक्रम उस समय चर्चा में आया जब सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी के बाद व्यंग्यात्मक आंदोलनों का दौर शुरू हुआ। अब देखना यह होगा कि सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच संवाद की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या राजनीतिक दलों का हस्तक्षेप इस आंदोलन को और अधिक जटिल बनाएगा।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें