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खगड़िया में सर्पदंश का कहर: खेत में घास काट रहे बुजुर्ग की मौत, प्रखंड कर्मी का अस्पताल में इलाज जारी

खगड़िया में एक ही दिन सर्पदंश की दो घटनाएं।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

8 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
खगड़िया में सर्पदंश का कहर: खेत में घास काट रहे बुजुर्ग की मौत, प्रखंड कर्मी का अस्पताल में इलाज जारी
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बिहार के खगड़िया जिले में मंगलवार की शाम सर्पदंश की दो अलग-अलग घटनाओं ने स्थानीय लोगों के बीच दहशत पैदा कर दी है। इन घटनाओं में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक सरकारी कर्मी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों ही मामले जिले के अलग-अलग प्रखंडों से सामने आए हैं, जिसने मानसून के दौरान सांपों के बढ़ते खतरे की ओर ध्यान आकर्षित किया है।

खेत में घास काट रहे बुजुर्ग को सांप ने तीन बार डंसा

पहली घटना गोगरी प्रखंड के इटहरी पंचायत के वार्ड संख्या-3 की है। यहां रहने वाले 80 वर्षीय रामचंद्र मंडल मंगलवार शाम अपने मवेशियों के लिए घास काटने खेत में गए थे। इसी दौरान वहां छिपे एक जहरीले सांप ने उनके पैर पर हमला कर दिया। परिजनों के अनुसार, सांप ने उन्हें एक बार नहीं बल्कि तीन बार डंसा, जिससे जहर तेजी से उनके शरीर में फैल गया। बुजुर्ग की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत उन्हें गोगरी अनुमंडल अस्पताल ले गए।

प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें खगड़िया सदर अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। रामचंद्र मंडल के निधन से उनके परिवार में मातम पसरा हुआ है, जो अपने पीछे चार बेटों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

प्रखंड कार्यालय में कर्मी को सांप ने बनाया शिकार

दूसरी घटना परबत्ता प्रखंड कार्यालय परिसर में हुई। यहां कार्यरत कर्मी संजय कुमार राय मंगलवार शाम कार्यालय के मुख्य गेट के पास मौजूद थे, तभी एक जहरीले सांप ने उन्हें डंस लिया। सांप के डंसने के तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और वे बेहोश हो गए। कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए उन्हें तुरंत परबत्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया।

घटना की सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) संतोष कुमार पंडित समेत कई अधिकारी अस्पताल पहुंचे। सीएचसी प्रभारी डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि पीड़ित का इलाज जारी है और उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल, उनकी स्थिति में सुधार बताया जा रहा है और उन्हें आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं।

मानसून में सावधानी बरतने की सलाह

लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों, झाड़ियों और जलजमाव वाले इलाकों में सांपों का निकलना आम हो गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि इस मौसम में बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतें। खेतों में काम करते समय ऊंचे जूते पहनना और झाड़ियों में हाथ डालने से पहले सतर्क रहना जरूरी है। रात के समय टॉर्च का उपयोग करना भी बचाव का एक प्रभावी तरीका है।

डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू नुस्खों के चक्कर में समय बर्बाद करना जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसी स्थिति में पीड़ित को शांत रखना चाहिए और बिना किसी देरी के नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाना चाहिए, जहां एंटी-वेनम इंजेक्शन उपलब्ध हो। जिले में हुई इन दो घटनाओं ने प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने का संदेश दिया है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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