खगड़िया: प्रधानमंत्री आवास योजना में वसूली का मामला, BDO ने आवास सहायक को जारी किया नोटिस
खगड़िया के अलौली प्रखंड की गोरियामी पंचायत में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) के लाभार्थियों से कथित अवैध वसूली के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। बीडीओ ने इस मामले में ग्रामीण आवास सहायक निवेश कुमार से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

गोरियामी पंचायत में अवैध वसूली का मामला
खगड़िया जिले के अलौली प्रखंड स्थित गोरियामी पंचायत में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितताओं और अवैध वसूली के आरोप सामने आए हैं। इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें लाभार्थियों से पैसे मांगने की बात कही गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) मियाज अहमद ने तत्काल संज्ञान लिया है।
प्रखंड प्रशासन ने इस मामले में ग्रामीण आवास सहायक निवेश कुमार को एक कड़ा पत्र जारी किया है। बीडीओ ने आवास सहायक से 24 घंटे के भीतर अपने कार्यों और आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
जांच के लिए विशेष समिति का गठन
आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रखंड स्तर पर एक जांच समिति का गठन किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी प्रकाश चंद्र झा करेंगे। समिति में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अरुण कुमार, प्रखंड स्वच्छता समन्वयक शैलेंद्र कुमार और आवास पर्यवेक्षक धीरज कुमार को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति को तीन दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
जांच समिति को सभी संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा करने का कार्य सौंपा गया है। इसके लिए लेखापाल और आवास योजना से जुड़े अन्य कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे योजना से संबंधित सभी आवश्यक रिकॉर्ड और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री समिति के समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि अनियमितताओं की पुष्टि की जा सके।
लाभार्थियों का आरोप: 30 लाख से अधिक की वसूली
स्थानीय ग्रामीणों और लाभार्थियों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी और तीसरी किस्त जारी करने के बदले प्रति लाभार्थी 15 हजार रुपये तक की अवैध वसूली की गई है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि पंचायत के लगभग 250 लाभार्थियों से यह राशि ली गई है। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो कुल वसूली की राशि 30 लाख रुपये से अधिक हो सकती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि आवास सहायक और एक वार्ड सदस्य के बेटे की मिलीभगत से यह खेल चल रहा था। इस संबंध में सहयोग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है। इससे पहले भी इस मामले को लोक शिकायत निवारण कार्यालय में उठाया गया था, जहां यह प्रकरण अभी भी लंबित है।
आगे की कार्रवाई और प्रशासनिक रुख
फिलहाल, प्रशासन ने इन आरोपों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होने की बात कही है। बीडीओ मियाज अहमद ने कहा है कि सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।
इस घटना के बाद से क्षेत्र के अन्य लाभार्थियों में भी आक्रोश है। स्थानीय लोग अब इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से गठित समिति की रिपोर्ट पर अब पूरे प्रखंड की नजरें टिकी हुई हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में सरकारी धन का दुरुपयोग किस स्तर पर हुआ है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!