सिवान फायरिंग मामले पर अरविंद केजरीवाल का केंद्र सरकार पर तीखा हमला, छात्रों पर एके-47 के इस्तेमाल पर उठाए सवाल
बिहार में छात्रों के प्रदर्शन और सिवान में कथित तौर पर AK-47 से फायरिंग की घटना पर राजनीति गरमा गई है। अब आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के सिवान में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई फायरिंग की घटना ने राष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से सवाल उठाया है कि आखिर प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ एके-47 जैसे घातक हथियारों का इस्तेमाल करने की नौबत क्यों आई।
छात्रों पर गोलीबारी को लेकर केजरीवाल का सवाल
अरविंद केजरीवाल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि क्या प्रदर्शन कर रहे छात्र आतंकवादी हैं, जिन पर एके-47 से गोलियां चलाई गईं। उन्होंने सत्ता पक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि छात्रों से उलझना सरकार के लिए भारी पड़ सकता है। केजरीवाल ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आंदोलन की याद दिलाई और रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध पंक्तियों 'सिंहासन खाली करो कि जनता आती है' का उल्लेख किया।
विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सिवान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को डराने और तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसमें तीन लोग घायल हुए हैं। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें एक पुलिसकर्मी स्वचालित हथियार थामे हुए दिखाई दे रहा था।
पुलिस प्रशासन का पक्ष और कार्रवाई
विवाद बढ़ने के बाद बिहार पुलिस ने पूरे मामले पर सफाई पेश की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ उग्र हो गई थी और अराजक तत्वों ने पुलिस बल पर हमला करने की कोशिश की थी। प्रशासन के अनुसार, आत्मरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सिपाही द्वारा हवाई फायरिंग की गई थी।
हालांकि, इस मामले में लापरवाही बरतने और प्रोटोकॉल का पालन न करने के आरोप में संबंधित पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने इस घटना की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बल प्रयोग की स्थिति किन परिस्थितियों में उत्पन्न हुई थी।
राजनीतिक गलियारों में गरमाया मुद्दा
सिवान की इस घटना ने बिहार की राजनीति में विपक्ष को एकजुट होने का मौका दे दिया है। राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इसे सरकार की दमनकारी नीति करार दिया है। विपक्षी नेताओं का तर्क है कि लोकतंत्र में छात्रों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है और उन पर गोलियां चलाना निंदनीय है।
अरविंद केजरीवाल के इस बयान ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में छात्र आंदोलनों और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष सरकार पर और अधिक दबाव बना सकता है। फिलहाल, विभागीय जांच की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जो इस मामले में आगे की दिशा तय करेगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!