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करौली: बखतपुरा स्कूल में स्काउट-गाइड्स ने लगाए 51 पौधे, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

करौली में राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड, स्थानीय संघ करौली के तत्वावधान में राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल बखतपुरा में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्कूल परिसर में 51 पौधे लगाए गए।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

5 अगस्त 20262 मिनट पढ़ें
करौली: बखतपुरा स्कूल में स्काउट-गाइड्स ने लगाए 51 पौधे, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
मूल स्रोत

पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आए नन्हे हाथ

करौली जिले के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बखतपुरा में राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड के स्थानीय संघ द्वारा एक विशेष पौधरोपण अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य न केवल अधिक से अधिक पौधे लगाना था, बल्कि नई पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाना भी था। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।

अभियान के दौरान विद्यालय परिसर में कुल 51 पौधे रोपे गए। इन पौधों में छायादार, फलदार और सजावटी किस्मों का विशेष ध्यान रखा गया ताकि भविष्य में ये पौधे परिसर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण को शुद्ध रखने में भी सहायक सिद्ध हों। इस पहल से स्कूल का वातावरण हरा-भरा बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम उठाया गया है।

विविध प्रजातियों का किया गया रोपण

स्थानीय संघ के सचिव और स्काउट मास्टर मुकेश सारस्वत ने इस अवसर पर जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और बिगड़ते पर्यावरणीय संतुलन को देखते हुए पौधरोपण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत अशोक, कनेर, जामुन, चांदनी, लिविस्टोनिया, गुलाब और गुलमोहर जैसे विविध प्रकार के पौधे लगाए गए हैं। ये पौधे न केवल परिसर को आकर्षक बनाएंगे, बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में भी सुधार लाएंगे।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी उचित देखभाल करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया कि वे अपने आसपास के वातावरण को हरा-भरा रखने के लिए नियमित रूप से वृक्षारोपण करें और प्रकृति के संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

देखभाल की जिम्मेदारी और सामूहिक संकल्प

इस पौधरोपण कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता स्काउट्स और गाइड्स द्वारा लिया गया संरक्षण का संकल्प था। सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से यह जिम्मेदारी ली कि वे इन 51 पौधों की नियमित रूप से सिंचाई करेंगे और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। छात्रों का यह संकल्प यह दर्शाता है कि वे पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से समझ रहे हैं।

इस आयोजन में कब मास्टर सुरेश चंद चौबदार, गाइड कैप्टन सपना सारस्वत, फ्लॉक लीडर जीनेश और कमर बहादुर मीणा सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। सभी ने मिलकर पौधों को रोपने में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और उन्हें पर्यावरण के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया।

विद्यालय प्रशासन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों में अनुशासन और सेवा की भावना का विकास होता है। आने वाले समय में इन पौधों के बड़े होने पर विद्यालय का पूरा स्वरूप बदल जाएगा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

अंत में, सभी प्रतिभागियों ने भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक सरोकार के कार्यों को निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया। यह अभियान न केवल बखतपुरा स्कूल के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए पर्यावरण संरक्षण का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरा है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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