करौली: समता आंदोलन समिति का प्रदर्शन, आरक्षण और एट्रोसिटी एक्ट में बदलाव की मांग
करौली में समता आंदोलन समिति ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

आरक्षण और कानूनों की समीक्षा के लिए सड़कों पर उतरी समिति
राजस्थान के करौली जिले में शुक्रवार को समता आंदोलन समिति के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान समिति के सदस्यों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन अतिरिक्त जिला कलेक्टर को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने देश में प्रचलित आरक्षण व्यवस्था और विशेष कानूनों में व्यापक बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया।
समिति के जिलाध्यक्ष नरेश सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि देश में सामाजिक समरसता और समानता को बढ़ावा देने के लिए वर्तमान व्यवस्थाओं की समीक्षा करना अनिवार्य हो गया है। उन्होंने तर्क दिया कि समय के साथ कानूनों और नीतियों में सुधार होना चाहिए ताकि समाज के हर वर्ग को समान अवसर मिल सकें।
आरक्षण और एट्रोसिटी एक्ट पर उठाई आवाज
ज्ञापन में प्रमुख रूप से जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग की गई है। समिति का कहना है कि आरक्षण का आधार आर्थिक और सामाजिक वंचना को बनाया जाना चाहिए, ताकि इसका लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि वे आरक्षण के पूरी तरह खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसके वर्तमान स्वरूप में सुधार की आवश्यकता है।
इसके अलावा, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम को लेकर भी समिति ने चिंता जताई। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि इस कानून का उद्देश्य पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान करना है, लेकिन इसके दुरुपयोग की संभावनाओं को नकारा नहीं जा सकता। समिति ने मांग की है कि कानून में ऐसे सुरक्षा उपाय जोड़े जाएं जिससे किसी भी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।
यूजीसी प्रावधानों में सुधार की मांग
समता आंदोलन समिति ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी बदलाव की मांग रखी है। विशेष रूप से यूजीसी के वर्ष 2026 के प्रावधानों की समीक्षा करने का आग्रह किया गया है। समिति का मानना है कि उच्च शिक्षा में योग्यता, पारदर्शिता और सभी छात्रों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान नियमों में सुधार जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जो प्रतिभा को प्रोत्साहित करे।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने सरकार से यह भी अपील की कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिले जो वास्तव में आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी तरीके से होना चाहिए ताकि पात्र व्यक्ति वंचित न रह जाएं।
समिति ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले आगामी धरना-प्रदर्शन को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। जिलाध्यक्ष नरेश सिंह ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे। इस प्रदर्शन में समिति के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर लिया है और इसे उच्च अधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया है। करौली में हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर आरक्षण और संबंधित कानूनों की समीक्षा की बहस को तेज कर दिया है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!