करौली: अवैध हथियारों के साथ पकड़े गए तीन आरोपी, कोर्ट ने सुनाई 10-10 साल की सजा
करौली सदर थाना क्षेत्र में फर्जी नंबर प्लेट और बदले हुए इंजन-चेसिस नंबर वाली जीप से हथियार मिलने के मामले में अपर जिला एवं सेशन न्यायालय, करौली ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराया है। न्यायालय ने सभी दोषियों को अधिकतम 10 साल कैद की सजा सुनाई है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

अवैध हथियारों और फर्जी जीप मामले में बड़ा फैसला
राजस्थान के करौली जिले में एक महत्वपूर्ण कानूनी मामले का निपटारा करते हुए अपर जिला एवं सेशन न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। यह मामला सदर थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां पुलिस ने एक संदिग्ध महिंद्रा मेजर जीप से अवैध हथियार बरामद किए थे। अदालत ने सभी तीनों दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है और उन पर भारी जुर्माना भी लगाया गया है।
घटना की शुरुआत 1 दिसंबर 2022 को हुई थी, जब करौली सदर पुलिस क्षेत्र में नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध जीप को रुकने का इशारा किया। जीप में सवार लोग हथियार लहराते हुए भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन सतर्क पुलिस टीम ने घेराबंदी कर ड्राइवर छोटू उर्फ लौहरे उर्फ जगदीश को मौके पर ही दबोच लिया।
जांच में सामने आई गंभीर धोखाधड़ी
पुलिस द्वारा की गई तलाशी में छोटू के पास से 315 बोर का एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस जीप का इस्तेमाल आरोपी कर रहे थे, उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। इतना ही नहीं, जीप के इंजन और चेसिस नंबरों के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वाहन का उपयोग आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
पुलिस ने इस मामले में छोटू उर्फ लौहरे उर्फ जगदीश के अलावा पवन कुमार और शेर सिंह उर्फ शेरू को भी नामजद किया। इन तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी, जाली दस्तावेज तैयार करने, चोरी की संपत्ति रखने, आपराधिक साजिश रचने और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने सभी साक्ष्यों को जुटाकर अदालत में चालान पेश किया।
अदालत में पेश किए गए ठोस सबूत
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले को मजबूती से रखा। अपर लोक अभियोजक मिथलेश पाल ने बताया कि सुनवाई के दौरान कुल 17 मौखिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए और 28 दस्तावेजी सबूत अदालत के समक्ष पेश किए गए। इन साक्ष्यों ने आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों की पुष्टि की, जिसके आधार पर अदालत ने अपना फैसला सुनाया।
अदालत ने छोटू उर्फ लौहरे उर्फ जगदीश और पवन कुमार को 10-10 साल की कैद के साथ 68-68 हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया है। वहीं, तीसरे आरोपी शेर सिंह उर्फ शेरू को भी 10 साल की सजा सुनाई गई है, लेकिन उस पर 63 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ सकती है।
कानूनी प्रक्रिया का संदेश
यह फैसला क्षेत्र में अवैध हथियारों और फर्जी वाहनों के उपयोग के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। करौली पुलिस की तत्परता और अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए ठोस सबूतों के कारण ही इतने कम समय में आरोपियों को सजा सुनिश्चित हो सकी है। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!