कानपुर की सड़कों पर सियासत: विधायक अभिजीत सांगा ने इमरान प्रतापगढ़ी के आरोपों का दिया तीखा जवाब
कानपुर शहर की खराब सड़कों और जगह-जगह गड्ढों को लेकर सोशलमीडिया पर वीडियों बनाए जा रहें है, जिसमें आम जनता सड़क की बदहाली से जूझती हुई नजर दिखाई दे रही है। तो वहीं सियासी हमले भी जनप्रतिनिधियों हो रहे हैं, कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी जब कानपुर आए तो शहर की सड़कों पर तंज कसते हुए कहा था कि यहां यह समझना मुश्किल है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

कानपुर की बदहाल सड़कों पर छिड़ी जुबानी जंग
कानपुर शहर की सड़कों की खराब स्थिति और जगह-जगह बने गड्ढों को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ी हुई है। आम जनता सड़कों की बदहाली से परेशान है, वहीं विपक्षी नेता इसे लेकर सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। हाल ही में कानपुर दौरे पर आए कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने शहर की सड़कों पर तंज कसते हुए कहा था कि यहां यह पहचानना मुश्किल हो गया है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क है।
इमरान प्रतापगढ़ी के इस बयान पर कानपुर के बीजेपी विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने शहर की सड़कों की वर्तमान स्थिति के लिए एक साथ चल रहे कई बड़े विकास कार्यों और हालिया बारिश को मुख्य वजह बताया है। विधायक ने स्पष्ट किया कि प्रशासन इन समस्याओं के प्रति गंभीर है और अगले तीन महीनों के भीतर शहर की सड़कों को गड्ढों से मुक्त कर दिया जाएगा।
विकास कार्यों का हवाला और विपक्ष पर निशाना
विधायक सांगा ने सफाई देते हुए कहा कि कानपुर में इस समय सीएम ग्रिड योजना, मेट्रो रेल परियोजना और नगर निगम के कई निर्माण कार्य एक साथ चल रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि इन कार्यों का क्रियान्वयन बेहतर योजना के साथ होना चाहिए था, ताकि जनता को इतनी परेशानी न उठानी पड़ती। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि विकास की प्रक्रिया में कुछ समय के लिए असुविधा होना स्वाभाविक है, लेकिन इसका परिणाम शहर के भविष्य के लिए बेहतर होगा।
इमरान प्रतापगढ़ी पर निशाना साधते हुए सांगा ने कहा कि कांग्रेस सांसद को केवल उत्तर प्रदेश की सड़कों में ही गड्ढे क्यों दिखाई देते हैं? उन्होंने सवाल किया कि क्या विपक्ष शासित राज्यों में सड़कें पूरी तरह दुरुस्त हैं? सांगा ने कहा कि इमरान प्रतापगढ़ी को राजनीति चमकाने के बजाय कानपुर में हो रहे बड़े विकास कार्यों पर भी नजर डालनी चाहिए, जैसे कि रिंग रोड, कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे और डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण।
अतीक अहमद के मुद्दे पर घेरा
विधायक अभिजीत सांगा ने इमरान प्रतापगढ़ी के अतीत पर हमला करते हुए कहा कि जो व्यक्ति अतीक अहमद को अपना भाई और बाप बताता था, उसे कानपुर आकर विकास पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि इमरान प्रतापगढ़ी का उद्देश्य केवल सुर्खियां बटोरना है, न कि जनता की समस्याओं का वास्तविक समाधान खोजना।
अखिलेश यादव द्वारा कानपुर को 'कमीशनपुर' और 'बदनामपुर' कहे जाने पर भी सांगा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जो लोग कानपुर को निशाना बना रहे हैं, उन्हें जनता हर चुनाव में करारा जवाब देती है। सांगा ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी चरम पर थी, जिसे जनता आज भी याद करती है।
भविष्य की राह और प्रशासन का दावा
विधायक ने अंत में दोहराया कि कानपुर नगर की समस्याओं के लिए वे पूरी तरह जिम्मेदार हैं और सरकार अपनी जवाबदेही से पीछे नहीं हट रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले तीन महीनों में युद्धस्तर पर काम करके सड़कों की मरम्मत पूरी कर ली जाएगी। प्रशासन का दावा है कि एक बार मेट्रो और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं पूरी हो जाने के बाद कानपुर की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।
फिलहाल, कानपुर की सड़कों का मुद्दा राजनीतिक गलियारों में गरमाया हुआ है। जहां एक ओर विपक्ष इसे सरकार की विफलता बता रहा है, वहीं सत्ता पक्ष इसे विकास कार्यों के दौरान होने वाली अस्थायी बाधा बताकर अपना बचाव कर रहा है। जनता अब केवल वादों के पूरा होने और सड़कों के दुरुस्त होने का इंतजार कर रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!