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कानपुर में 5600 करोड़ का गेमिंग ऐप घोटाला: रिटायर्ड दरोगा के बेटे समेत दो गिरफ्तार

कानपुर में 5600 करोड़ की ठगी के मामले में बुधवार को कानपुर पुलिस ने फरार चल रहे रिटायर्ड दरोगा ताजदार के बेटे इखलाख हुसैन और मो. आमिर को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। रिटायर्ड दरोगा के खाते में 8 दिनों में 1.84 करोड़ का 600 पेज का ट्रांजेक्शन मिला।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

16 सितंबर 20262 मिनट पढ़ें
कानपुर में 5600 करोड़ का गेमिंग ऐप घोटाला: रिटायर्ड दरोगा के बेटे समेत दो गिरफ्तार
मूल स्रोत

कानपुर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा

कानपुर में 5600 करोड़ रुपये के कथित गेमिंग ऐप घोटाले की जांच कर रही पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बुधवार को पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक रिटायर्ड दरोगा का बेटा इखलाख हुसैन भी शामिल है। उसके साथ ही पुलिस ने सिंडिकेट के एक अन्य सदस्य मोहम्मद आमिर को भी हिरासत में लिया है।

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के अनुसार, यह गिरफ्तारी एक लंबी जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। इखलाख हुसैन मूल रूप से प्रयागराज का निवासी है, लेकिन वह लंबे समय से कानपुर के बासमंडी इलाके में सोहन लाल के हाते में रह रहा था। पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी, जिसके बाद उसे धर दबोचा गया।

आठ दिनों में करोड़ों का संदिग्ध लेनदेन

जांच के दौरान पुलिस को इखलाख हुसैन के बैंक खातों से चौंकाने वाली जानकारी मिली है। उसके चार अलग-अलग बैंकों (एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई) के खातों की जांच में केवल आठ दिनों के भीतर करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन सामने आया है। पुलिस ने इन खातों से संबंधित 600 पन्नों का रिकॉर्ड भी जब्त किया है।

आंकड़ों के मुताबिक, एसबीआई खाते में 1.09 करोड़, बैंक ऑफ बड़ौदा में 1.84 करोड़, एचडीएफसी में 1.10 करोड़ और आईसीआईसीआई बैंक में 3.50 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। इतनी बड़ी राशि का कम समय में लेनदेन होना सीधे तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर धोखाधड़ी की ओर इशारा करता है।

आरोपियों का नेटवर्क और जीवनशैली

पूछताछ के दौरान इखलाख हुसैन ने पुलिस को बताया कि उसके खातों का संचालन मुख्य रूप से मोहम्मद आमिर ही करता था। आमिर की जीवनशैली काफी आलीशान थी। जांच में पता चला है कि उसके पास डीएलएफ में एक फ्लैट है और वह लग्जरी गाड़ी थार का इस्तेमाल करता था। अपने रसूख और रौब को बनाए रखने के लिए वह हमेशा बाउंसरों के साथ चलता था।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गेमिंग ऐप सिंडिकेट के तार और कहां-कहां जुड़े हैं। इखलाख और आमिर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और मास्टरमाइंड तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

आगे की कानूनी कार्रवाई

पुलिस विभाग ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। जब्त किए गए 600 पन्नों के दस्तावेजों का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह पैसा किन-किन माध्यमों से आया और कहां भेजा गया। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

फिलहाल दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। इस मामले ने कानपुर में साइबर अपराधों की भयावहता को उजागर कर दिया है, जहां गेमिंग ऐप के नाम पर आम जनता को ठगने का एक बड़ा जाल बिछाया गया था।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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