कानपुर: डंपिंग यार्ड में फेंकी गई एक्सपायरी चॉकलेट लूटने की मची होड़, वीडियो वायरल
कानपुर में एक्सपायरी चॉकलेट लूटने का VIDEO सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि कूड़े के ढेर में टॉफी, चॉकलेट के बॉक्स फेंके गए हैं।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

सड़क किनारे फेंके गए एक्सपायरी उत्पाद
कानपुर के पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में उस समय अफरातफरी मच गई जब हाईवे किनारे कूड़े के ढेर में भारी मात्रा में एक्सपायरी चॉकलेट और टॉफियां फेंकी गईं। जैसे ही स्थानीय लोगों को इस बात की जानकारी मिली, वहां इन्हें लूटने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोग अपनी जान जोखिम में डालकर हाईवे पर चॉकलेट के डिब्बे बटोरते नजर आ रहे हैं।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि राहगीर, बाइक सवार और कार चालक अपनी गाड़ियां सड़क पर रोककर कूड़े के ढेर से चॉकलेट के कार्टन और थैलियां भर रहे हैं। कुछ लोग बोरियों में सामान भरते दिखे, तो कुछ पूरे के पूरे गत्ते उठाकर ले गए। महज 30 मिनट के भीतर ही वहां फेंका गया पूरा माल गायब हो गया। इस दौरान सड़क पर लंबा जाम भी लग गया।
जांच में जुटी पुलिस और प्रशासन
प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह घटना एलएमएल चौराहे से थम्सअप चौराहे के बीच फर्टिलाइजर फैक्ट्री के पीछे हाईवे किनारे की बताई जा रही है। मौके से मिले कुछ रैपरों पर 'गुजरात' और 'एन' जैसे संकेत मिले हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि किसी बड़ी कंपनी या डिस्ट्रीब्यूटर ने बिना सावधानी बरते एक्सपायरी माल को खुले में फेंक दिया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह वीडियो कब का है और इसके पीछे कौन सी कंपनी जिम्मेदार है।
डीसीपी वेस्ट कासिम आबिदी ने मामले का संज्ञान लेते हुए पनकी थाना प्रभारी को तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि एक्सपायरी खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित कंपनी या व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
सेहत के लिए गंभीर खतरा
चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि एक्सपायरी हो चुकी चॉकलेट और टॉफियों का सेवन करना गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को न्योता देना है। समय सीमा समाप्त होने के बाद इनमें मौजूद दूध, वसा और अन्य सामग्री खराब हो जाती है, जिससे उनमें खतरनाक बैक्टीरिया और फफूंद पनपने लगती है। इनका सेवन करने से फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी, दस्त और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, इसलिए उन पर इन दूषित खाद्य पदार्थों का प्रभाव और भी अधिक घातक हो सकता है। एलर्जी, रैशेज और सिरदर्द जैसी शिकायतें भी आम हो सकती हैं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इस तरह के फेंके गए खाद्य पदार्थों को न छुएं और न ही इनका सेवन करें।
लापरवाही पर उठे सवाल
यह घटना खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति बरती जा रही लापरवाही को उजागर करती है। एक्सपायरी सामान को सुरक्षित तरीके से नष्ट करने के बजाय खुले में फेंकना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह जन स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ है। स्थानीय लोग अब इस बात की मांग कर रहे हैं कि जिम्मेदार डिस्ट्रीब्यूटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!