कानपुर में साइबर ठगों का दुस्साहस: 6 मिनट में महिला के खाते से उड़ाए 8.43 लाख रुपये
फीलखाना थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने महज 6 मिनट में महिला के खाते से 8.43 लाख रुपये पार कर दिए। शातिरों ने 10 यूपीआई ट्रांजेक्शन कर पूरी वारदात को अंजाम दिया, जबकि बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी बंद करा दिया।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

कानपुर में साइबर जालसाजों का बड़ा खेल
कानपुर के फीलखाना थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों ने एक महिला के बैंक खाते को निशाना बनाते हुए बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। महज छह मिनट के भीतर शातिरों ने महिला के खाते से 8.43 लाख रुपये की बड़ी रकम उड़ा ली। इस घटना ने शहर में डिजिटल सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित महिला रीना बेगम, जो पटकापुर इलाके की निवासी हैं, का सिविल लाइंस स्थित एक्सिस बैंक में खाता है। उन्होंने बताया कि उनके खाते में कुल 14.06 लाख रुपये जमा थे। 28 अगस्त की शाम को जब वे अपने सामान्य कामकाज में व्यस्त थीं, तभी साइबर ठगों ने उनके खाते पर धावा बोल दिया। अपराधियों ने रात 8:30 बजे से 8:36 बजे के बीच इस पूरी घटना को अंजाम दिया।
मोबाइल नंबर बंद कर दिया गया ताकि न मिले अलर्ट
ठगों की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी। उन्होंने न केवल महिला के खाते से 10 अलग-अलग यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए पैसे निकाले, बल्कि बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को भी बंद करा दिया। इससे महिला को ट्रांजेक्शन के दौरान कोई भी ओटीपी या अलर्ट मैसेज प्राप्त नहीं हुआ, जिससे वे समय रहते सतर्क नहीं हो सकीं।
अगले दिन जब महिला के पति हफीज मलिक ने मोबाइल चेक किया, तो उन्हें नंबर बंद होने का पता चला। फोन चालू करने पर उन्हें बैंक से आए कई संदेश मिले, जिनमें खाते से बड़ी रकम कटने की जानकारी दी गई थी। इन संदेशों को देखकर परिवार के होश उड़ गए।
मोबाइल हैक होने की जताई जा रही आशंका
पीड़ित महिला का कहना है कि उन्होंने किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं किया था और न ही किसी के साथ अपना ओटीपी साझा किया था। इस स्थिति को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि अपराधियों ने महिला का मोबाइल फोन हैक कर लिया था, जिसके जरिए उन्होंने बैंक खाते का एक्सेस हासिल किया और पैसे ट्रांसफर किए।
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित परिवार ने पुलिस को सूचित किया। साइबर थाना प्रभारी अभय सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब उन खातों की जांच कर रही है जिनमें यह रकम ट्रांसफर की गई है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगाला जा रहा है ताकि अपराधियों तक पहुंचा जा सके। साइबर सेल की टीम उन यूपीआई आईडी और बैंक खातों की डिटेल निकाल रही है, जहां से पैसे ट्रांसफर हुए हैं। जांच अधिकारी का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर ली जाएगी।
यह घटना आम नागरिकों के लिए एक चेतावनी है कि वे अपने मोबाइल फोन की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें। अनजान ऐप्स या संदिग्ध लिंक से बचने के साथ-साथ समय-समय पर अपने बैंक खातों की सुरक्षा सेटिंग्स की जांच करना अनिवार्य हो गया है। पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर सेल को दें।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!