कैमूर: पेंशनधारकों के लिए चेतावनी, 30 सितंबर तक जीवन प्रमाणीकरण नहीं कराया तो रुक सकती है राशि
सामाजिक सुरक्षा निदेशालय, पटना ने सभी लाभार्थियों को 30 सितंबर तक जीवन प्रमाणीकरण कराने का निर्देश दिया है। तय समय सीमा में सत्यापन नहीं कराने पर पेंशन रोकने या बंद करने की कार्रवाई हो सकती है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

पेंशनभोगियों के लिए अनिवार्य है प्रमाणीकरण
कैमूर जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ उठा रहे हजारों लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पेंशन की निरंतरता बनाए रखने के लिए जीवन प्रमाणीकरण (Life Certification) अनिवार्य है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, जिले में अभी भी 5,976 ऐसे पेंशनधारक हैं जिन्होंने अपना सत्यापन पूरा नहीं किया है। सामाजिक सुरक्षा निदेशालय, पटना द्वारा जारी निर्देशों के तहत, इन सभी लाभार्थियों को 30 सितंबर तक की समय सीमा दी गई है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित तिथि तक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है, तो संबंधित लाभार्थियों की पेंशन राशि रोकी जा सकती है या उन्हें योजना से बाहर किया जा सकता है। यह कदम पेंशन वितरण में पारदर्शिता लाने और वास्तविक लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
प्रखंडवार लंबित मामलों की स्थिति
जिला सामाजिक सुरक्षा कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, लंबित मामलों में चैनपुर प्रखंड सबसे आगे है, जहां 1,290 लाभार्थियों ने अभी तक प्रमाणीकरण नहीं कराया है। इसके बाद भभुआ प्रखंड का स्थान आता है, जहां 1,050 पेंशनधारक सत्यापन प्रक्रिया से वंचित हैं। भगवानपुर में 889, मोहनिया में 587, चांद में 567 और कुदरा में 546 लाभार्थियों का सत्यापन अभी लंबित है।
अन्य प्रखंडों की स्थिति पर नजर डालें तो दुर्गावती में 291, अधौरा में 257, रामपुर में 234, नुआंव में 145 और रामगढ़ में 120 लाभार्थियों ने अभी तक अपना जीवन प्रमाणीकरण नहीं कराया है। इन सभी क्षेत्रों के लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर अपनी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
कैसे पूरा करें सत्यापन की प्रक्रिया
लाभार्थी अपनी सुविधा के अनुसार नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से जीवन प्रमाणीकरण करा सकते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द केंद्रों पर पहुंचना उचित होगा, ताकि भीड़ से बचा जा सके और तकनीकी समस्याओं के कारण सत्यापन में देरी न हो।
यदि किसी लाभार्थी को ऑनलाइन सत्यापन के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी दिक्कत का सामना करना पड़ता है, तो वे अपने संबंधित पंचायत या नगर क्षेत्र के विकास मित्र से संपर्क कर सकते हैं। विकास मित्रों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लाभार्थियों की सहायता करें और उनकी सत्यापन प्रक्रिया को सुगम बनाएं।
समय पर कार्रवाई से मिलेगी राहत
सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कार्यालय, कैमूर ने सभी पेंशनधारकों से अपील की है कि वे इस कार्य को गंभीरता से लें। पेंशन का भुगतान बिना किसी रुकावट के जारी रहे, इसके लिए समय रहते सत्यापन कराना ही एकमात्र विकल्प है। 30 सितंबर के बाद किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने पर लाभार्थियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र लाभार्थी सरकारी सहायता से वंचित न रहे। अतः सभी संबंधित व्यक्तियों को सलाह दी गई है कि वे अपने आधार कार्ड और आवश्यक दस्तावेजों के साथ नजदीकी केंद्र पर जाकर प्रक्रिया पूरी करें और अपनी पेंशन की पात्रता को सुरक्षित करें।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!