इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय का बेबाक अंदाज: बोले- '70 का हो गया हूं, अब किसी की परवाह नहीं'
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार को इंदौर के दो अलग-अलग कार्यक्रमों में अपने बेबाक अंदाज में नजर आए। उन्होंने मंच से कहा मैं जो भी करता हूं, मुंह पर करता हूं, पीठ पीछे नहीं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने बेबाक बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहते हैं। शनिवार को इंदौर में आयोजित दो अलग-अलग कार्यक्रमों के दौरान उन्होंने एक बार फिर अपनी कार्यशैली और विचारों पर खुलकर बात की। मंच से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे जो कुछ भी करते हैं, वह स्पष्ट रूप से सामने करते हैं, न कि पीठ पीछे। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके लिए सही और गलत की परिभाषा स्पष्ट है।
उम्र के पड़ाव पर बेबाक टिप्पणी
कार्यक्रम के दौरान विजयवर्गीय ने अपनी उम्र का जिक्र करते हुए एक दिलचस्प टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'मैं 70 साल का हो गया हूं, यूं ही सठिया गया हूं।' उन्होंने आगे कहा कि अब उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनके बयानों से किसे बुरा लग रहा है। मंत्री के इस अंदाज पर वहां मौजूद लोगों ने ठहाके लगाए, लेकिन उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
विधानसभा-1 स्थित पीएम राइस स्कूल अहिल्या आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने छात्राओं के साथ संवाद किया। उन्होंने अपनी बात रखने के अंदाज को लेकर कहा कि वे जो भी निर्णय लेते हैं या जो भी बात कहते हैं, वह पूरी पारदर्शिता के साथ होती है। मंत्री का यह अंदाज उनके समर्थकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
छात्राओं को लव जिहाद के प्रति किया सतर्क
शिक्षा के मंच से मंत्री ने छात्राओं को सामाजिक सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने 'लव जिहाद' जैसे मुद्दों की ओर इशारा करते हुए छात्राओं को आगाह किया कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति से दोस्ती करने से पहले पूरी सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर संबंध बनाते हैं, जिसका पता बाद में चलता है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे सतर्क रहें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आज के समय में युवा पीढ़ी को जागरूक होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी रिश्ते में बंधने से पहले सामने वाले की सच्चाई को जानना आवश्यक है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
नशामुक्ति के लिए अनूठा सुझाव
नशामुक्ति के अभियान को आगे बढ़ाते हुए विजयवर्गीय ने छात्राओं को एक कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि घर में कोई भाई नशा करता है, तो रक्षाबंधन पर उसे राखी न बांधने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि बहनें भगवान श्रीकृष्ण, हनुमानजी या भोलेनाथ को राखी बांध सकती हैं, लेकिन नशे की लत वाले भाई को तब तक राखी न बांधें जब तक वह नशा छोड़ने का वादा न करे।
उन्होंने आगे कहा कि यदि परिवार के सदस्य नशे की हालत में घर आते हैं, तो उनके खिलाफ भूख हड़ताल जैसा प्रतीकात्मक विरोध भी किया जा सकता है। मंत्री के अनुसार, परिवार का दबाव नशा छुड़ाने में एक बड़ी भूमिका निभा सकता है और समाज को इस दिशा में एकजुट होने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने स्कूल के लिए फर्नीचर और वाटर कूलर जैसी सुविधाएं भी भेंट कीं। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है, क्योंकि यही उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव है। उनके इन बयानों को लेकर राजनीतिक विश्लेषक अब अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!