जोधपुर नगर निगम चुनाव: भाजपा ने निर्दलीय पार्षदों को साथ लेकर बहुमत का आंकड़ा पार किया
जोधपुर नगर निगम के मेयर और डिप्टी मेयर के चुनावों की तारीख का एलान हो चुका है। इससे पहले भाजपा ने सात निर्दलीय प्रत्याशियों को भाजपा की सदस्यता दिलवाई।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

मेयर चुनाव से पहले भाजपा की बड़ी बढ़त
जोधपुर नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर के आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही भाजपा ने अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए एक बड़ा दांव खेला है। पार्टी ने सात निर्दलीय पार्षदों को अपनी सदस्यता दिलाकर बोर्ड गठन की राह आसान कर ली है। इन सात पार्षदों में से चार भाजपा समर्थित और तीन कांग्रेस समर्थित बागी पार्षद शामिल हैं।
नगर निगम में बहुमत का जादुई आंकड़ा 51 पार्षदों का है। चुनाव परिणामों के बाद भाजपा के पास 45 पार्षद थे, लेकिन इन सात निर्दलीयों के समर्थन के बाद अब पार्टी के पास कुल 52 पार्षदों का बहुमत हो गया है। इस सदस्यता ग्रहण समारोह में भाजपा के प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी और जिलाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
रणनीति और मेयर पद के दावेदार पर मंथन
पार्टी में शामिल होने वाले पार्षदों में विशाल सांखला, दिनेश शर्मा, चेतन गहलोत, मोहन राम चौधरी, दुर्गा मेवाड़ा, निर्मला नायक और स्वरूप सिंह शामिल हैं। इन सभी को औपचारिक रूप से भाजपा का दुपट्टा पहनाकर पार्टी में शामिल किया गया। सदस्यता के बाद पार्टी पदाधिकारियों ने मेयर पद के उम्मीदवार के चयन को लेकर करीब दो घंटे तक गहन मंथन किया।
बैठक के दौरान सभी पार्षदों ने स्पष्ट किया कि संगठन जो भी निर्णय लेगा, वे उसके साथ रहेंगे। मेयर पद के लिए संभावित नामों पर चर्चा के बाद एक रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को भेज दी गई है। माना जा रहा है कि शनिवार को मेयर पद के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा अपने उम्मीदवार की घोषणा कर देगी।
कांग्रेस के लिए चुनौती और बाड़ेबंदी का असर
भाजपा की इस सफलता के पीछे उनकी बाड़ेबंदी की रणनीति को मुख्य कारण माना जा रहा है। चुनाव परिणामों के तुरंत बाद से ही पार्टी ने अपने प्रत्याशियों और संपर्क में आए निर्दलीयों को सुरक्षित स्थान पर रखा था। इस रणनीति का सीधा असर यह हुआ कि कांग्रेस के खेमे में सेंध लग गई। कांग्रेस समर्थित तीन पार्षदों के भाजपा में जाने से पार्टी के सामने बोर्ड बनाने का संकट खड़ा हो गया है।
कांग्रेस के लिए स्थिति इसलिए भी मुश्किल है क्योंकि उनके पास अब केवल तीन निर्दलीय और एक आरएलपी पार्षद का समर्थन बचा है। भाजपा में शामिल हुई निर्मला नायक का मामला भी चर्चा में है, जो पूर्व पार्षद लक्ष्मण नायक की पुत्रवधु हैं। लक्ष्मण नायक को हाल ही में कांग्रेस ने छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
भविष्य की राह
जोधपुर नगर निगम में भाजपा की यह बढ़त अब उसे बोर्ड गठन के बेहद करीब ले आई है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, स्थानीय विधायक नारायण सिंह देवल और ओंकार सिंह लखावत जैसे वरिष्ठ नेताओं के सहयोग से पार्टी ने निर्दलीयों को साधने में सफलता प्राप्त की है। अब सबकी निगाहें शनिवार को होने वाले नामांकन और उसके बाद होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जो जोधपुर के अगले मेयर और डिप्टी मेयर का भविष्य तय करेंगे।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!