जोधपुर: करोड़ों की ठगी मामले में 'लेडी डॉन' सुमता बिश्नोई और उसके दो बेटे गिरफ्तार
चित्तौड़गढ़ के व्यापारी के साथ 2 करोड़ 45 लाख रुपए की ठगी के मामले में पुलिस ने लेडीडॉन और बोरानाडा थाने की हिस्ट्रीशीटर सुमता बिश्नोई और उसके दो बेटों को भी गिरफ्तार किया गया है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

हाई-प्रोफाइल ठगी मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
राजस्थान के जोधपुर में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात 'लेडी डॉन' और बोरानाडा थाने की हिस्ट्रीशीटर सुमता बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया है। सुमता के साथ पुलिस ने उसके दो बेटों, विनोद बिश्नोई और मनीष बिश्नोई को भी हिरासत में लिया है। यह गिरफ्तारी चित्तौड़गढ़ के एक व्यापारी के साथ हुई 2 करोड़ 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में की गई है।
इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राजस्थान हाईकोर्ट स्वयं इस पूरे प्रकरण की निगरानी कर रहा था। पुलिस को लंबे समय से सुमता बिश्नोई की तलाश थी, जो इस मामले के दर्ज होने के बाद से ही फरार चल रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसके आवास पर दबिश दी और उसे दबोच लिया।
सांवरिया सेठ मंदिर के नाम पर दिया झांसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुमता बिश्नोई ने एक मध्य प्रदेश के हेड कॉन्स्टेबल के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया था। आरोपियों ने चित्तौड़गढ़ के एक मिठाई कारोबारी को सांवरिया सेठ मंदिर में लड्डू प्रसाद का ठेका दिलाने का प्रलोभन दिया था। इसके अलावा, किसी परिचित की जमानत कराने के नाम पर भी उनसे बड़ी रकम ऐंठी गई थी।
जब पीड़ित व्यापारी ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी लेडी डॉन ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। इस धमकी और करोड़ों की ठगी के बाद पीड़ित ने पुलिस में मामला दर्ज कराया था। बोरानाडा एसीपी नरेंद्र कुमार पारीक ने बताया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से व्यापारी का विश्वास जीता और फिर उसे ठगी का शिकार बनाया।
पुलिस रिमांड पर आरोपी
गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुमता बिश्नोई और उसके दोनों बेटों को 14 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी गई राशि के बारे में और जानकारी जुटाई जा सके।
इस मामले में एक पुलिसकर्मी की संलिप्तता भी सामने आई है, जिससे जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। क्षेत्र में सुमता बिश्नोई का नाम हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज है, जिसके कारण उसकी गिरफ्तारी को पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
फिलहाल, पुलिस की टीमें मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं। पीड़ित व्यापारी को न्याय दिलाने के लिए पुलिस ने इस केस को प्राथमिकता पर रखा है। आने वाले दिनों में रिमांड के दौरान पूछताछ में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!