जोधपुर में 67 लाख की MD ड्रग्स के साथ तस्कर गिरफ्तार, मध्य प्रदेश से जुड़ा है तस्करी का बड़ा नेटवर्क
राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने जोधपुर जिले के कापरड़ा थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए 67 लाख रुपए मूल्य की 2 किलो 231 ग्राम अवैध MD ड्रग्स जब्त की है। पुलिस ने मौके से स्विफ्ट कार जब्त कर फलोदी निवासी आरोपी रामपाल धतरवाल को गिरफ्तार किया है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

राजस्थान के जोधपुर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मादक पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कापरड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने घेराबंदी कर एक तस्कर को पकड़ा है, जिसके पास से 2 किलो 231 ग्राम अवैध MD ड्रग्स बरामद की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की अनुमानित कीमत करीब 67 लाख रुपये आंकी गई है।
टोल प्लाजा पर बिछाया गया जाल
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जयपुर-जोधपुर हाईवे पर बिनावास टोल की ओर एक संदिग्ध स्विफ्ट कार आ रही है। इस इनपुट के आधार पर ANTF की दो विशेष टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला और टोल प्लाजा पर नाकेबंदी कर दी। जब कार को रुकवाकर तलाशी ली गई, तो उसमें छिपाकर रखी गई MD ड्रग्स बरामद हुई। पुलिस ने मौके से ही फलोदी निवासी रामपाल धतरवाल को गिरफ्तार कर लिया है।
यह ऑपरेशन DGP राजीव कुमार शर्मा और ADG दिनेश MN के दिशा-निर्देशों के तहत IG विकास कुमार की निगरानी में चलाया गया। पकड़े गए आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, ताकि उन अन्य तस्करों तक पहुंचा जा सके जो इस अवैध कारोबार में शामिल हैं।
जोधपुर से केमिकल, मध्य प्रदेश में ड्रग्स की तैयारी
प्रारंभिक जांच में तस्करी का एक हैरान करने वाला तरीका सामने आया है। आरोपी रामपाल जोधपुर से ड्रग्स बनाने के लिए आवश्यक केमिकल की व्यवस्था करता था। इसके बाद वह इस केमिकल को मध्य प्रदेश ले जाता था, जहाँ तस्करों के जरिए उसे MD ड्रग्स में तब्दील किया जाता था। तैयार माल वापस लाकर मारवाड़ क्षेत्र में सप्लाई किया जाता था।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मध्य प्रदेश में ड्रग्स बनाने की लैब कहाँ संचालित हो रही है और इस पूरे रैकेट में कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं। आरोपी के मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड्स की भी गहन जांच की जा रही है।
पुराना अपराधी है आरोपी रामपाल
गिरफ्तार आरोपी रामपाल धतरवाल का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है। वह इससे पहले अप्रैल 2018 में कोटा के आरके पुरम थाना क्षेत्र में डोडा पोस्त तस्करी के मामले में पकड़ा गया था। उस मामले में उसे 6 साल और 8 महीने तक जेल में रहना पड़ा था। दिसंबर 2024 में जमानत पर बाहर आने के बाद उसने फिर से अपराध की दुनिया में कदम रख दिया।
वर्ष 2025 में आरोपी का एक रिश्तेदार भी डोडा पोस्त की तस्करी करते हुए मध्य प्रदेश में पकड़ा गया था, जिसमें रामपाल का नाम भी सामने आया था। उस मामले में वह फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार, जब उसे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा, तो उसने डोडा पोस्त छोड़कर अधिक मुनाफे वाली MD ड्रग्स की तस्करी शुरू कर दी।
फिलहाल, पुलिस आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। इस गिरफ्तारी से मारवाड़ क्षेत्र में सक्रिय ड्रग्स सिंडिकेट को बड़ा झटका लगा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!