जमुई: उद्घाटन के 4 महीने बाद ही टपकने लगी झाझा CHC की छत, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
जमुई के झाझा में 5.75 करोड़ रुपए की लागत से बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के नए भवन की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ गए हैं। उद्घाटन के महज चार महीने बाद ही अस्पताल के विजन सेंटर की छत से पानी रिसने लगा है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

करोड़ों की लागत से बना भवन सवालों के घेरे में
जमुई जिले के झाझा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के नए भवन की निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लगभग 5.75 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र के उद्घाटन को अभी चार महीने भी पूरे नहीं हुए हैं कि इसकी छत से पानी रिसने लगा है। यह समस्या अस्पताल के विजन सेंटर में देखी जा रही है, जो मरीजों की आंखों की जांच के लिए एक महत्वपूर्ण इकाई है।
विजन सेंटर में छत से टपकते पानी के कारण मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जिस स्थान पर मरीजों को बैठाकर आंखों की जांच की जाती है, वहीं पानी गिरने से जांच प्रक्रिया बाधित हो रही है। इसके अलावा, लगातार हो रहे रिसाव की वजह से अस्पताल की दीवारें भी नमी की चपेट में आ गई हैं, जिससे भवन की मजबूती को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
भवन का इतिहास और निर्माण की हकीकत
झाझा क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की मांग को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इस जी-1 मॉडल भवन का निर्माण कराया था। इस पूरे प्रोजेक्ट का कार्य बीएमएसआईसीएल (BMSICL) की देखरेख में संपन्न हुआ। भवन का शिलान्यास 22 फरवरी 2025 को स्थानीय विधायक दामोदर रावत द्वारा किया गया था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद, 18 मार्च 2026 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसका उद्घाटन किया था, जिसके बाद 23 मार्च को विधायक ने भी इसका औपचारिक उद्घाटन किया था।
स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि इस नए भवन के बनने से उन्हें इलाज के लिए दूसरे शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। हालांकि, उद्घाटन के कुछ ही महीनों के भीतर सामने आई इस खामी ने सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। हाल ही में 16 अगस्त को राज्य के वरिष्ठ नेताओं के दौरे के दौरान अस्पताल परिसर को चमकाया गया था, लेकिन विजन सेंटर की यह समस्या जस की तस बनी रही।
तकनीकी खामी या लापरवाही?
अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नवाब ने इस समस्या के पीछे एक तकनीकी कारण बताया है। उनके अनुसार, विजन सेंटर के ठीक ऊपर लेबर रूम का बाथरूम स्थित है, जिससे पानी का रिसाव नीचे की छत तक पहुंच रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले की लिखित सूचना बीएमएसआईसीएल को दे दी गई है ताकि जल्द से जल्द मरम्मत कार्य शुरू किया जा सके।
अस्पताल के असिस्टेंट अमित कुमार सिन्हा ने भी पुष्टि की है कि पानी टपकने के कारण मरीजों की जांच करने में काफी कठिनाई हो रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि केवल रिसाव वाले हिस्से की मरम्मत करने के बजाय पूरे भवन की तकनीकी जांच कराई जाए ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सके।
आगे की कार्रवाई
इस मामले पर बीएमएसआईसीएल के जेई मिथलेश कुमार ने अनभिज्ञता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस समस्या की जानकारी नहीं थी, लेकिन अब मामला संज्ञान में आने के बाद इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद जो भी खामियां पाई जाएंगी, उन्हें संबंधित एजेंसी के माध्यम से दुरुस्त कराया जाएगा।
फिलहाल, अस्पताल प्रशासन और निर्माण एजेंसी के बीच पत्राचार का दौर शुरू हो गया है, लेकिन मरीजों को अभी भी टपकती छत के नीचे इलाज कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही की जवाबदेही तय की जाए।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!