जैसलमेर में दिल दहला देने वाली घटना: टांके में कूदकर दंपती और दो बच्चों ने दी जान
जैसलमेर के रामदेवरा थाना क्षेत्र के लोहारकी गांव में रविवार को एक ही परिवार के चार लोगों के शव संदिग्ध परिस्थितियों में एक टांके (पानी के कुंड) में मिले। मृतकों में पति-पत्नी और उनके दो मासूम बच्चे शामिल हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

जैसलमेर के लोहारकी गांव में पसरा मातम
राजस्थान के जैसलमेर जिले के रामदेवरा थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। लोहारकी गांव में रविवार रात एक ही परिवार के चार सदस्यों के शव पानी के टांके (कुंड) से बरामद किए गए। मृतकों में पति-पत्नी और उनके दो मासूम बच्चे शामिल हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों में शोक का माहौल है।
प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि दंपती ने पहले अपने बच्चों को टांके में फेंका और उसके बाद खुद भी उसमें कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतकों की पहचान 30 वर्षीय जसराज, उनकी 28 वर्षीय पत्नी निरमा, 10 वर्षीय बेटा भरत और 5 वर्षीय बेटी मनीषा के रूप में हुई है। जसराज पेशे से लकड़ी का सामान बनाने का काम करता था।
भाई की आंखों के सामने हुआ हादसा
घटना के चश्मदीदों के अनुसार, रविवार रात करीब 9 बजे जसराज के भाई ने उसे पानी के टांके में कूदते हुए देखा। उसने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग और परिवार के अन्य सदस्य मौके पर दौड़ पड़े। हालांकि, जब तक लोग वहां पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया, तब तक चारों सदस्य पानी में डूब चुके थे।
ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद चारों को टांके से बाहर निकाला और आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया। लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद चारों को मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है, क्योंकि किसी को उम्मीद नहीं थी कि परिवार का मुखिया ऐसा कदम उठाएगा।
पारिवारिक विवाद की आशंका
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में पारिवारिक कलह या विवाद को इस आत्मघाती कदम के पीछे की मुख्य वजह माना जा रहा है। थाना अधिकारी देवकिशन ने बताया कि पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया है। मामले की हर पहलू से गहनता से जांच की जा रही है ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
फिलहाल पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों की ओर से रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या पिछले कुछ समय से परिवार किसी विशेष मानसिक तनाव या आर्थिक तंगी से गुजर रहा था।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों से भी पूछताछ की है ताकि परिवार के व्यवहार और हालिया गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर समाज में मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक संवाद की कमी जैसे गंभीर मुद्दों पर सोचने को मजबूर कर दिया है।
क्षेत्र के लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर बिंदु पर बारीकी से काम किया जा रहा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!