जयपुर: नौकरानी ने ही साफ की मालिक की तिजोरी, 50 लाख के गहने चोरी करने वाले पति-पत्नी गिरफ्तार
वैशाली नगर थाना पुलिस के अनुसार- सिरसी रोड स्थित ऑफिसर्स कैंपस निवासी उमेश कुमार शर्मा ने 6 अगस्त को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने बताया- मेरी पत्नी पारिवारिक कार्यक्रम में जाने के लिए अलमारी से ज्वेलरी निकालने लगी तो सोने के गहने और 8 हजार रुपए गायब मिले।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

नौकरानी ने ही रची चोरी की साजिश
जयपुर के वैशाली नगर थाना क्षेत्र में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक घरेलू सहायिका ने ही अपने मालिक के घर को निशाना बनाया। सिरसी रोड स्थित ऑफिसर्स कैंपस में रहने वाले उमेश कुमार शर्मा के घर से करीब 50 लाख रुपये मूल्य के सोने और डायमंड के गहने चोरी हो गए थे। इस वारदात में घर में काम करने वाली नौकरानी और उसके पति की संलिप्तता पाई गई है, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
घटना का खुलासा तब हुआ जब 6 अगस्त को पीड़ित उमेश कुमार शर्मा की पत्नी एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए तैयार हो रही थीं। जब उन्होंने अलमारी खोली, तो गहने गायब थे। साथ ही, अलमारी में रखे 8 हजार रुपये नकद भी नदारद मिले। पीड़ित परिवार ने तुरंत वैशाली नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की।
तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी से खुला राज
पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण के अनुसार, जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों से मिली सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने खातीपुरा स्थित बुनकर कॉलोनी से मोनिका मीणा (20) और उसके पति विकास कुमार मीणा (19) को हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मोनिका मीणा पीड़ित के घर पर घरेलू सहायिका के रूप में कार्यरत थी। उसने मौका पाकर अलमारी से गहने चुराए और उन्हें अपने पति विकास को सौंप दिए। विकास ने इन गहनों को ठिकाने लगाने का काम किया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी किए गए सभी कीमती आभूषण बरामद कर लिए हैं।
आरोपियों की पृष्ठभूमि और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मोनिका मीणा मूल रूप से टोंक जिले के झुंडवा गांव की रहने वाली है, जबकि उसका पति विकास कुमार मीणा बूंदी जिले के संग्रामगढ़ का निवासी है। वर्तमान में ये दोनों खातीपुरा इलाके में रह रहे थे। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इन्होंने पहले भी कहीं ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।
इस घटना ने एक बार फिर घरेलू सहायकों के चयन और उनकी पृष्ठभूमि की जांच (वेरिफिकेशन) के महत्व को रेखांकित किया है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने घर में काम पर रखने वाले कर्मचारियों का पूरा ब्यौरा रखें और उनका पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवाएं। फिलहाल, पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि मामले के सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके।
सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता
शहर में बढ़ती चोरी की घटनाओं के बीच यह मामला पुलिस की त्वरित कार्रवाई का एक उदाहरण है। हालांकि, लाखों की चोरी ने स्थानीय निवासियों में चिंता बढ़ा दी है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और उन्हें जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले में बरामदगी के बाद पीड़ित परिवार ने भी राहत की सांस ली है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!