जयपुर: फर्जी गेमिंग कॉल सेंटर का पर्दाफाश, 1 करोड़ की ठगी के आरोप में 5 गिरफ्तार
साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान साइबर शील्ड और श्याम हंटर अभियान के तहत साउथ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। शिप्रापथ थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने भांकरोटा क्षेत्र में संचालित एक फर्जी गेमिंग कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए पांच साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

भांकरोटा में चल रहा था अवैध नेटवर्क
जयपुर की शिप्रा पथ थाना पुलिस और साइबर सेल ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए भांकरोटा इलाके में चल रहे एक फर्जी गेमिंग कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर आम लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने का गंभीर आरोप है।
पुलिस को इस गिरोह के बारे में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पोर्टल के माध्यम से इनपुट मिले थे। शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल और बैंक खातों के विश्लेषण के जरिए इस नेटवर्क को ट्रेस किया। अंततः भांकरोटा स्थित कृष्णा सनराइज अपार्टमेंट के एक फ्लैट में दबिश देकर पुलिस ने गिरोह के पांचों सदस्यों को रंगे हाथों पकड़ लिया।
आरोपियों की पहचान और कार्यप्रणाली
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रमेश कुमार, नैनाराम, कृष्ण कुमार, पप्पूराम और प्रवीण कुमार के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी बाड़मेर, जोधपुर और बालोतरा जिलों के निवासी हैं। पूछताछ में सामने आया है कि ये लोग फर्जी गेमिंग ऐप और निवेश योजनाओं के नाम पर लोगों को झांसा देते थे। बैंक खातों की प्रारंभिक जांच में एक करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन पाया गया है।
डीसीपी दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि 1930 पोर्टल पर इस गिरोह के खिलाफ कुल 8 शिकायतें दर्ज थीं। इनमें से एक पीड़ित के साथ ही ढाई लाख रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है। आरोपियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
साइबर शील्ड अभियान के तहत बड़ी सफलता
यह कार्रवाई राजस्थान पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान 'साइबर शील्ड' का हिस्सा है। 20 जुलाई से 20 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में सक्रिय साइबर अपराधियों को पकड़ना और लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण करना है। इस ऑपरेशन में साइबर सेल के कॉन्स्टेबल प्रभास कानी और सवाई सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण रही, जिनकी सूचना पर पुलिस टीम ने सटीक कार्रवाई की।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें धारा 318(4), 316(2), 112(2), 61(2) के साथ ही आईटी एक्ट की धारा 66C और 66D शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ में देशभर में फैले उनके अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी मिलने की संभावना है।
जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या ये आरोपी किसी बड़े अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं। जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों से डेटा रिकवर किया जा रहा है ताकि उन सभी पीड़ितों की पहचान हो सके जिन्हें इन लोगों ने अपना शिकार बनाया है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या लुभावने गेमिंग ऑफर के झांसे में न आएं।
आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में पकड़े गए आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा ताकि ठगी की पूरी चेन का पर्दाफाश किया जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!