जबलपुर में सड़कों की बदहाली पर कांग्रेस का हल्ला बोल, 20 दिनों से जारी है विरोध प्रदर्शन
कांग्रेस पार्षद दल और स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता 20 दिनों से विरोध अभियान चला रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि शहर में बड़े दावों और भूमि पूजन के साथ रातों-रात बनी डामर की सड़कें एक साल तो दूर, महीनों भी नहीं टिक पा रही हैं।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

सड़कों की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
जबलपुर में नगर निगम द्वारा बनाई गई सड़कों की खराब गुणवत्ता को लेकर स्थानीय राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस पार्षद दल और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने शहर की जर्जर सड़कों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पिछले 20 दिनों से लगातार चलाए जा रहे इस विरोध अभियान के जरिए कांग्रेस ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का आरोप है कि शहर में बड़े-बड़े दावों और भूमि पूजन के साथ रातों-रात बनाई गई डामर की सड़कें कुछ ही महीनों में उखड़ने लगी हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल विरोध के लिए नहीं, बल्कि जनता को हकीकत से रूबरू कराने के लिए है। कार्यकर्ता शहर के विभिन्न वार्डों में जाकर उन सड़कों का निरीक्षण कर रहे हैं, जिनका निर्माण हाल ही में किया गया था। इस अभियान के तहत कांग्रेस का कहना है कि विकास के नाम पर जनता के टैक्स के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है और घटिया सामग्री का उपयोग करके सड़कों को बनाया जा रहा है।
मुख्य मार्गों की स्थिति दयनीय
विरोध प्रदर्शन की कड़ी में कांग्रेस नेता सुभद्रा कुमारी चौहान और पंडित भवानी प्रसाद तिवारी वार्ड पहुंचे। यह इलाका शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जो रानीताल, गोलबाजार, राइट टाउन और मालवीय चौक जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ता है। महाराष्ट्र हाई स्कूल के सामने स्थित सड़क का डामरीकरण हाल ही में किया गया था, लेकिन वर्तमान में यह पूरी तरह से उखड़ चुका है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे न केवल यातायात को बाधित कर रहे हैं, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ा रहे हैं।
कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा और पार्षद अयोध्या तिवारी ने मौके पर पहुंचकर नगर निगम प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रेय लेने की होड़ में जल्दबाजी में घटिया निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। नियमानुसार डामर की सड़कों की गारंटी अवधि कम से कम तीन वर्ष होनी चाहिए, लेकिन जबलपुर में ये सड़कें छह से आठ महीने के भीतर ही गड्ढों में तब्दील हो रही हैं, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
प्रशासन को चेतावनी और आगे की रणनीति
कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम प्रशासन को चेतावनी दी है कि जनता के पैसों की इस तरह की बर्बादी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की है कि घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदारों और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, खराब हो चुकी सड़कों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है।
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जब तक नगर निगम प्रशासन इन सड़कों की गुणवत्ता में सुधार नहीं लाता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह जन-जागरूकता और विरोध अभियान जारी रहेगा। कांग्रेस अब शहर के हर वार्ड में जाकर सड़कों की हकीकत जनता के सामने लाएगी। इस आंदोलन के कारण स्थानीय स्तर पर नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं और प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
सड़कों की यह दुर्दशा न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि शहर के बुनियादी ढांचे के विकास पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद सड़कों की मरम्मत नहीं हो रही है, जिससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस के इस 20 दिवसीय विरोध प्रदर्शन का नगर निगम प्रशासन पर क्या असर पड़ता है और क्या आने वाले दिनों में सड़कों की स्थिति में कोई सुधार देखने को मिलेगा।
फिलहाल, कांग्रेस का यह अभियान शहर के अन्य वार्डों में भी विस्तार लेने की तैयारी में है। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक शहर की सड़कों को सुरक्षित और सुगम नहीं बना दिया जाता। नगर निगम की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन बढ़ते विरोध के बीच प्रशासन के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!