राजस्थान-मध्य प्रदेश में सक्रिय अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश, सोती महिलाओं को लूटने वाले तीन बदमाश गिरफ्तार
गैंग के तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। यह गैंग राजस्थान और मध्यप्रदेश में सक्रिय थी।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

सोती हुई महिलाओं को बनाते थे निशाना
चित्तौड़गढ़ पुलिस ने एक ऐसी अंतरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़ किया है जो न केवल घरों में घुसकर सोती हुई महिलाओं के जेवर लूटती थी, बल्कि मंदिरों को भी अपना निशाना बनाती थी। पुलिस ने इस गैंग के तीन शातिर बदमाशों को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह राजस्थान और मध्य प्रदेश के विभिन्न इलाकों में अब तक 30 से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुका है।
इस गिरोह के सक्रिय होने की जानकारी तब मिली जब 13 अगस्त की रात आछोड़ा गांव में एक वृद्ध दंपती के घर में बदमाशों ने धावा बोला। आरोपी घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे और दंपती को जान से मारने की धमकी देकर महिला के चांदी के कड़े और अन्य जेवर लूट लिए। जाते समय बदमाश दंपती का मोबाइल और घड़ी भी अपने साथ ले गए।
पुलिस की संयुक्त कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला स्पेशल टीम और कोतवाली थाना पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। गहन जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मध्य प्रदेश में दबिश देकर तीन आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए बदमाशों की पहचान कालू कालबेलिया, तेजपाल उर्फ तेजू और सुरेश कालबेलिया के रूप में हुई है। इनमें से कालू और सुरेश पर पहले से ही चोरी और लूट के कई मामले दर्ज हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे रात के अंधेरे में घरों में घुसकर लूटपाट करते थे। विरोध करने पर वे पीड़ितों को जान से मारने की धमकी देते थे। पुलिस ने इनके पास से लूटे गए जेवर और अन्य सामान बरामद कर लिया है।
मंदिरों और दुकानों पर भी हाथ साफ
पुलिस के अनुसार, यह गैंग केवल घरों तक ही सीमित नहीं थी। इन्होंने भीलवाड़ा, प्रतापगढ़ और मध्य प्रदेश के कई मंदिरों के दानपात्र तोड़कर नकदी चुराई है। इसके अलावा, मंदिरों से चांदी के छत्र और मूर्तियां भी चोरी की गई हैं। आरोपियों ने देवनारायण मंदिर और जैन मंदिरों सहित कई धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया है।
आरोपियों ने पूछताछ में कबूला कि उन्होंने मध्य प्रदेश के सिगोली, मेड़िखेड़ा और राजस्थान के शंभूपुरा, राशमी, बिजौलिया सहित कई क्षेत्रों में चोरी और लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है। वे सूने मकानों के साथ-साथ दुकानों को भी निशाना बनाते थे। गंगरार में एक दुकान से चांदी के जेवर और नकदी चुराने की बात भी उन्होंने स्वीकार की है।
आगामी जांच और कानूनी प्रक्रिया
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव ने बताया कि आरोपियों से बरामदगी के बाद अब उनसे अन्य वारदातों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गैंग के साथ और कितने लोग जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल, तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस गिरफ्तारी से राजस्थान और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगने की उम्मीद है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत देने की अपील की है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!