इंदौर में ट्रैफिक का कायाकल्प: 25 नए फ्लाईओवर और बसों का जाल बिछाने की तैयारी
शहर की सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव से निपटने के लिए अब यातायात व्यवस्था को नए सिरे से बदलने की तैयारी है। शनिवार को रेसीडेंसी कोठी में महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में हुई हाई पावर बैठक में तीन चरणों वाला ट्रैफिक एक्शन प्लान तैयार किया गया।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

इंदौर शहर की बढ़ती आबादी और सड़कों पर वाहनों के भारी दबाव को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने का निर्णय लिया है। हाल ही में रेसीडेंसी कोठी में महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर के ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए तीन चरणों वाली एक व्यापक कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहर में वाहनों की औसत गति को बढ़ाना और जाम की समस्या से स्थायी निजात दिलाना है।
अतिक्रमण मुक्त होंगी प्रमुख सड़कें
योजना के पहले चरण में तत्काल राहत देने वाले कार्यों पर जोर दिया जाएगा। इसके तहत शहर के 17 प्रमुख चौराहों के लेफ्ट टर्न को चौड़ा करने का काम प्राथमिकता से किया जाएगा। साथ ही, सड़कों पर होने वाले अतिक्रमण को हटाने और ऑन-स्ट्रीट पार्किंग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की तैयारी है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवारा मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी। मालवाहक वाहनों की लोडिंग और अनलोडिंग के लिए अब रात का समय निर्धारित किया जाएगा ताकि दिन के समय ट्रैफिक बाधित न हो।
प्रशासन ने ई-चालान और मोबाइल कोर्ट के माध्यम से नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसने की भी योजना बनाई है। सड़क की ज्यामिति (Geometry) में सुधार करके उन बाधाओं को दूर किया जाएगा, जहां अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट का विस्तार और इंटरसिटी बसों का रूट
मध्यम अवधि की योजना में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। वर्तमान में संचालित 350 सिटी बसों की संख्या को बढ़ाकर 1500 तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, शहर के भीतर से गुजरने वाली करीब 1500 इंटरसिटी बसों को शहर की सीमा से बाहर करने के लिए एक नई नीति तैयार की जा रही है। इन बसों के लिए गंगवाल, सरवटे, नायता मुंडला और कुमेडी बस टर्मिनलों को आपस में जोड़कर 24 घंटे कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाएगी।
शहर के भीतर से थोक मंडियों और बड़े लोडिंग-अनलोडिंग जोन को भी बाहरी इलाकों में स्थानांतरित करने पर विचार किया जा रहा है, जिससे भारी वाहनों का दबाव शहर के मुख्य मार्गों पर कम हो सके।
25 से अधिक फ्लाईओवर और भविष्य की राह
शहर में वाहनों की औसत गति को 16-17 किमी प्रति घंटे से ऊपर ले जाने के लिए 25 से अधिक नए फ्लाईओवर बनाने की योजना है। इसके साथ ही, पीक ऑवर्स में ट्रैफिक के दबाव को बांटने के लिए दफ्तरों और बाजारों के खुलने-बंद होने के समय में बदलाव करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। यह कदम शहर के व्यस्ततम इलाकों में भीड़ को नियंत्रित करने में सहायक साबित होगा।
दीर्घकालिक योजना के तहत एक अलग ट्रैफिक इंजीनियरिंग सेल का गठन किया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस बल की संख्या को 1200 से बढ़ाकर 3000 तक करने का लक्ष्य है। भविष्य में मेट्रो, सिटी बस और सब-अर्बन रेल को एक एकीकृत नेटवर्क से जोड़ने की परिकल्पना की गई है, जिसमें पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए विशेष ट्रैक भी शामिल होंगे।
इस पूरे प्रोजेक्ट को '3-ई' फॉर्मूले पर आधारित किया गया है, जिसमें 70 प्रतिशत ध्यान इंजीनियरिंग (सड़क डिजाइन), 15 प्रतिशत एनफोर्समेंट (नियमों का पालन) और 15 प्रतिशत एजुकेशन (जन जागरूकता) पर केंद्रित रहेगा। इस बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा, निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!