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इंदौर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर नगर निगम सख्त, 350 इंजीनियरों और आर्किटेक्ट्स को थमाया नोटिस

पिछले तीन साल में स्वीकृत करीब 20 हजार भवन नक्शों से जुड़े 350 आर्किटेक्ट, स्ट्रक्चर इंजीनियर, इंजीनियर और कंसल्टेंट को नोटिस भेजे गए हैं। तय समय में रिपोर्ट और फोटो जमा नहीं करने पर संबंधितों का रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

5 सितंबर 20262 मिनट पढ़ें
इंदौर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर नगर निगम सख्त, 350 इंजीनियरों और आर्किटेक्ट्स को थमाया नोटिस
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भूजल स्तर सुधारने के लिए निगम की बड़ी कार्रवाई

इंदौर नगर निगम ने शहर में गिरते भूजल स्तर को नियंत्रित करने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक कड़ा कदम उठाया है। निगम प्रशासन ने अब उन पेशेवरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जो शहर में भवनों के नक्शे तैयार करते हैं। हाल ही में निगम ने लगभग 350 आर्किटेक्ट्स, स्ट्रक्चर इंजीनियर्स और कंसल्टेंट्स को नोटिस जारी किए हैं। यह कार्रवाई पिछले तीन वर्षों के दौरान स्वीकृत किए गए करीब 20 हजार भवन नक्शों के आधार पर की गई है।

नगर निगम के बिल्डिंग परमिशन विभाग के अनुसार, इन पेशेवरों को सात दिनों के भीतर अपने द्वारा डिजाइन किए गए भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थिति की जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी। रिपोर्ट के साथ उन्हें मौके की वास्तविक तस्वीरें भी जमा करनी होंगी। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर यह जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती है, तो निगम संबंधित पेशेवरों का रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर देगा।

लाइसेंस रद्द होने का खतरा

निगम के बिल्डिंग अफसर सत्येंद्र सिंह राजपूत ने स्पष्ट किया है कि शहर में कुल 650 पंजीकृत आर्किटेक्ट और इंजीनियर हैं, जिनमें से 350 को नोटिस भेजा गया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि कई भवनों में नक्शा पास करवाते समय रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्रावधान तो दिखाया जाता है, लेकिन निर्माण के बाद उसे क्रियान्वित नहीं किया जाता। निगम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर की हर नई इमारत में जल संचयन की व्यवस्था पूरी तरह से सक्रिय हो।

इससे पहले भी नगर निगम ने सीधे भवन मालिकों को निशाना बनाते हुए कार्रवाई की थी। आंकड़ों के मुताबिक, निगम अब तक करीब 87 हजार भवन मालिकों को नोटिस जारी कर चुका है। इसके अलावा, नियमों का पालन न करने वाले भवनों से अब तक 6 करोड़ 42 लाख रुपये का रेन वाटर हार्वेस्टिंग शुल्क के रूप में जुर्माना भी वसूला जा चुका है। यह राशि उन लोगों से ली गई है जिन्होंने अपने परिसरों में हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाए थे।

जल संरक्षण के प्रति निगम की प्रतिबद्धता

इंदौर में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण भूजल का दोहन बढ़ा है, जिसे देखते हुए निगम ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य कर दिया है। निगम प्रशासन का मानना है कि यदि आर्किटेक्ट और इंजीनियर स्तर पर ही सख्ती बरती जाए, तो भविष्य में बनने वाली इमारतों में जल संचयन की व्यवस्था को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। यह नीति शहर को जल संकट से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।

आने वाले दिनों में निगम की टीम उन रिपोर्टों का भौतिक सत्यापन भी कर सकती है जो आर्किटेक्ट्स द्वारा जमा की जाएंगी। यदि रिपोर्ट में दी गई जानकारी और मौके की स्थिति में अंतर पाया जाता है, तो संबंधित पेशेवरों पर और भी सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। निगम ने सभी संबंधितों को चेतावनी दी है कि वे इस कार्य को प्राथमिकता दें ताकि शहर के जल स्तर को बेहतर बनाया जा सके।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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